जम्मू, 25 जुलाई
लगातार छह दिनों तक खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से रुकी अमरनाथ यात्रा आखिरकार शनिवार को फिर से शुरू हो गई। मौसम में सुधार और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल होने के बाद भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं का 18वां जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना किया गया। यात्रा दोबारा शुरू होने से हजारों श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।
अधिकारियों के अनुसार शनिवार तड़के 2:40 बजे 223 वाहनों के काफिले में कुल 6,269 श्रद्धालु रवाना हुए। इनमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु शामिल हैं। फिलहाल केवल बालटाल मार्ग के लिए ही जत्था भेजा गया है, जबकि पारंपरिक पहलगाम मार्ग के लिए अभी किसी जत्थे को रवाना नहीं किया गया।
लगातार हो रही बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए 19 जुलाई को एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई थी। इसका असर पवित्र गुफा तक जाने वाले दोनों प्रमुख मार्गों पर पड़ा था। अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी।
इस दौरान उधमपुर-रामबन क्षेत्र में भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी तीन दिनों तक बंद रहा। सड़क बंद होने से यात्रा के साथ-साथ सामान्य यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि मौसम साफ होने और राजमार्ग पर यातायात बहाल होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय कर यात्रा को फिर से शुरू करने का फैसला लिया।
गौरतलब है कि दो जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 28 अगस्त, रक्षाबंधन तक चलने वाली इस वार्षिक यात्रा में अब तक करीब चार लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। इनमें लगभग 1.20 लाख श्रद्धालुओं ने जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से अपनी यात्रा शुरू की है।