नई दिल्ली, 25 जुलाई
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। पिछले कई सप्ताह से परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। ऐसे में इस इस्तीफे को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना इस्तीफा पत्र साझा करते हुए लिखा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होती है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायसंगत अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। उन्होंने लिखा कि भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर उन्होंने उनका आभार भी व्यक्त किया।
अपने इस्तीफा पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि तीन मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी। इसके बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) मोड में आयोजित करने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा सुनिश्चित करना रही। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से समन्वित प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि उन्होंने पहले दिन से ही इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे। उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो और किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आने वाले अनेक प्रतिभाशाली छात्रों ने भी सफलता हासिल की।