नई दिल्ली, 24 जुलाई
नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अहम बैठक हुई। बैठक के बाद सीजेपी ने दावा किया कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फैसला लेने के लिए 25 जुलाई की दोपहर तक का समय मांगा है। वहीं, आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर व कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सरकार ने सैद्धांतिक सहमति जताई है।
बैठक के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अंतिम जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही शिक्षा मंत्री को पद से हटाने का फैसला करेगी। रांका ने यह भी कहा कि सरकार ने आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग को सिद्धांततः स्वीकार कर लिया है।
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बैठक के बाद कहा कि सरकार ने सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल की सभी बातें गंभीरता से सुनी हैं। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव सरकार के सामने रखे। नड्डा ने कहा कि सरकार इन सभी बिंदुओं पर विचार कर रही है और दोनों पक्षों के बीच शनिवार दोपहर फिर बैठक होगी, जिसमें सरकार अपने निर्णय और आगे की चर्चा से अवगत कराएगी।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि नीट पेपर लीक विवाद से निपटने में शिक्षा मंत्रालय विफल रहा और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है। इसके अलावा संगठन देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की मांग भी लगातार उठा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।