नामची, 21 जुलाई
सिक्किम के नामची जिले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन सुरंग का हिस्सा अचानक ढह गया। इस दर्दनाक घटना में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के अब भी सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा नामची जिले के सामरदुंग क्षेत्र में स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन के कारण हुआ। भूस्खलन के बाद भारी मात्रा में मलबा सुरंग के प्रवेश द्वार पर आ गिरा, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन सुरंग के भीतर कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
हादसे के तुरंत बाद नामची जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग तथा एनएचपीसी की विशेषज्ञ टीमें संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं। सुरंग के प्रवेश द्वार पर जमा भारी मलबे को हटाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद ली जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सुरंग के अंदर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि कितने मजदूर अभी भी भीतर फंसे हुए हैं।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे राहत एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित एजेंसियों को हरसंभव संसाधन और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। बचाव दल लगातार सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और अभियान पूरी तेजी के साथ जारी है।