नई दिल्ली, 21 जुलाई
भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में देशभर के किसान संगठनों द्वारा मंगलवार को दिल्ली में महापंचायत के आह्वान के बीच राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को कई स्थानों पर रोक दिया गया, जिससे पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और प्रदर्शन देखने को मिला। कई सीमाओं पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है, जबकि शंभू बॉर्डर समेत विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
मंगलवार सुबह बिजनौर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच के लिए यूपी गेट पहुंचे। यहां पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके विरोध में किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। करीब 45 मिनट तक चले इस हंगामे के दौरान पुलिस ने अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर दी, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि बिजनौर से दिल्ली जा रहे करीब 35 से 40 किसानों को रोककर बाद में थाने भेज दिया गया।
इस बीच किसान नेता सरवन सिंह पंढेर को शंभू बॉर्डर पर रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों का बैरिकेड तोड़ने या किसी तरह का टकराव करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने मांग की कि गुरनाम सिंह चढूनी समेत गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा किया जाए और सरकार किसानों से बातचीत कर समाधान निकाले।
दिल्ली कूच के ऐलान को देखते हुए हरियाणा का सोनीपत जिला पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। हल्दाना बॉर्डर, भिगान टोल प्लाजा और कुंडली बॉर्डर सहित दिल्ली से जुड़े सभी प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हर छोटे-बड़े वाहन की सघन जांच की जा रही है और अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर कुछ स्थानों पर सड़क किनारे पत्थर भी रखवाए गए हैं। अधिकारियों के निर्देश पर बिना जांच किसी भी वाहन को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि गन्नौर और गोहाना क्षेत्र से भी किसान जत्थों के रूप में दिल्ली की ओर बढ़ सकते हैं। इसी वजह से इन इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि ट्रैफिक पुलिस को भी यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है।
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सोमवार देर रात से ही यूपी गेट, दिल्ली-यूपी अप्सरा बॉर्डर और अन्य प्रमुख सीमाओं पर कड़ी चेकिंग शुरू कर दी गई थी। मंगलवार सुबह इंदिरापुरम, खोड़ा, साहिबाबाद, शालीमार गार्डन और टीलामोड़ समेत कई क्षेत्रों में पुलिस ने सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी। प्रभारी डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि सभी वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें दिल्ली की ओर जाने की अनुमति दी जा रही है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी जाम की स्थिति भी बनी रही।
उधर, हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में भी पुलिस ने दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को रोक दिया। अंबाला और पंजाब की तरफ से आने वाले किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हाईवे पर बैरिकेडिंग के साथ-साथ रेत से भरे डंपर भी खड़े कर दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इसके बावजूद सैकड़ों किसान मौके पर नारेबाजी करते रहे, जबकि जिले के अन्य हिस्सों से कई किसान दिल्ली की ओर रवाना हो गए।
देशभर के किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत बुलाने की घोषणा की है। इसी के मद्देन्तर पंजाब से हजारों किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए हैं। हालांकि हरियाणा प्रशासन ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे शंभू बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिया। रात से ही सीमा बंद करने की तैयारी चल रही थी और सहमति नहीं बनने पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। इससे आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच यमुनानगर, अंबाला, सोनीपत समेत कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसानों के प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से किसान लगातार दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि अमृतसर सहित अन्य शहरों से आने वाले किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं सुरक्षा बलों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है।