ईस्ट रदरफोर्ड, 20 जुलाई
फुटबॉल विश्व कप 2026 के फाइनल में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया, जहां अतिरिक्त समय में किए गए एक निर्णायक गोल ने मुकाबले का रुख बदल दिया। स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद दोबारा विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ स्पेन ने अपना दूसरा पुरुष फुटबॉल विश्व कप खिताब जीता, जबकि लियोनेल मेस्सी का लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।
निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति ने पूरे मुकाबले में अर्जेंटीना के हमलों को बेअसर बनाए रखा। अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में मुकाबले का सबसे बड़ा पल आया, जब स्थानापन्न खिलाड़ी फेरान टोरेस ने निको विलियम्स के हेडर से मिले पास पर बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज इस प्रयास को रोक नहीं सके और यही गोल स्पेन की ऐतिहासिक जीत का कारण बना।
फेरान टोरेस 75वें मिनट में मैदान पर उतरे थे और उन्होंने अपने अवसर का पूरा फायदा उठाया। मैच के बाद भावुक नजर आए टोरेस ने कहा कि यह गोल सिर्फ उनका नहीं, बल्कि स्पेन के 4.7 करोड़ लोगों का है।
पूरे टूर्नामेंट में स्पेन का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने आठ मैचों में केवल एक गोल खाया और विश्व कप इतिहास में किसी भी चैंपियन टीम द्वारा सबसे कम गोल गंवाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके साथ ही स्पेन की टीम लगातार 38 अंतरराष्ट्रीय मैचों से अपराजित है, जिसमें 29 जीत और नौ मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यह किसी भी यूरोपीय टीम का सबसे लंबा अपराजेय अभियान माना जा रहा है।
दूसरी ओर, 39 वर्षीय लियोनेल मेस्सी के लिए यह मुकाबला बेहद भावुक साबित हुआ। उन्होंने पहले ही संकेत दिए थे कि यह उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है। फाइनल में हार के बाद उपविजेता पदक ग्रहण करते समय उनकी आंखें नम दिखाई दीं। मेस्सी ने स्वीकार किया कि स्पेन ने बेहतर खेल दिखाया और उनकी टीम ने अपने देश के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकी।
अर्जेंटीना की मुश्किलें दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में और बढ़ गईं, जब एंजो फर्नांडिस को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलती रही और स्पेन ने लगातार दबाव बनाए रखते हुए अतिरिक्त समय में विजयी गोल दाग दिया।
इस खिताब के साथ स्पेन की पुरुष टीम ने 2010 के बाद दूसरी बार विश्व कप जीता। इससे पहले 2023 में स्पेन की महिला फुटबॉल टीम भी विश्व चैंपियन बनी थी। इसी उपलब्धि के साथ स्पेन पुरुष और महिला दोनों फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया। वहीं, स्पेन के मुख्य कोच लुईस डे ला फुएंते ने 65 वर्ष की उम्र में विश्व कप जीतकर सबसे उम्रदराज विश्व विजेता कोच बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।