नई दिल्ली, मई 22
एफआईएच विश्व कप और प्रो लीग की तैयारियों में जुटी पाकिस्तान हॉकी टीम आर्थिक संकट में घिरी हुई है। राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने अपने ही बोर्ड पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) पर आरोप लगाया है कि उन्हें बकाया रकम और दैनिक भत्ते तक नहीं मिल रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि टीम के सदस्य खुलकर नाराजगी जता रहे हैं।
फेडरेशन ने विदेशी दौरों के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों को 110 अमेरिकी डॉलर प्रतिदिन देने की घोषणा तो कर दी, लेकिन खिलाड़ियों का कहना है कि पुराने बकाये अब तक भुगतान नहीं हुए हैं। ऊपर से ट्रेनिंग कैंप का दैनिक भत्ता घटाकर 3000 पाकिस्तानी रुपये से सिर्फ 1000 रुपये कर दिया गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि इस राशि में किसी तरह की तैयारी करना असंभव है और यह राष्ट्रीय खिलाड़ियों का सीधा अपमान है। एक खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि PHF अक्सर बड़े वादे करता रहा है, लेकिन भुगतान कभी समय पर नहीं हुआ।
इस बीच, अगले महीने बेल्जियम और इंग्लैंड में होने वाले एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी गई है, लेकिन टीम का कप्तान अब तक घोषित नहीं किया गया। शकील अम्मद बट पिछले साल से टीम की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन इस बार PHF की चुप्पी ने खिलाड़ियों में और नाराजगी बढ़ा दी है।
एफआईएच प्रो लीग का तीसरा चरण 13 जून से 27 जून तक खेला जाएगा, जिसमें पाकिस्तान की टीम बेल्जियम, स्पेन, इंग्लैंड और भारत के खिलाफ मुकाबले खेलेगी। इसके बाद टीम एफआईएच विश्व कप में हिस्सा लेगी। खिलाड़ियों का मनोबल अब इसी आर्थिक और प्रबंधन संकट के बीच दांव पर है।