Breaking News :

उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में येलो अलर्ट जारी

Untitled Design 2026 05 19t145543.871
Published On: May 19, 2026

चंडीगढ़, 19 मई

उत्तर भारत में प्री-मानसून तूफानी दौर अचानक समाप्त होते ही मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और जानलेवा लू का सिलसिला शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया और चेतावनी दी कि 24 और 25 मई तक क्षेत्र में बेहद गर्म हवाएं चलेंगी। इस दौरान कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 42°C से 45°C के बीच रहने की संभावना है। शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं और बारिश की कमी के कारण मैदानी इलाके लगातार हीट स्ट्रेस के दबाव में हैं। दिल्ली में बीते सोमवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां पारा 43.4°C तक पहुंच गया और कुछ स्थानीय इलाकों में 44°C को पार कर गया। पंजाब और हरियाणा के शहरों में भी हालत ऐसे ही बने हुए हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार स्थिति केवल दिन के बढ़ते तापमान की वजह से ही चिंताजनक नहीं है, बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म बनी हुई हैं। “वार्म नाइट” के चलते रात के समय तापमान में आवश्यक गिरावट नहीं हो रही, जिससे मानव शरीर को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। इस असामान्य गर्मी के बीच बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले मजदूरों में डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले एक हफ्ते तक बारिश या धूलभरी आंधी की संभावना नहीं है और नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप में निकलने से बचने और लगातार पानी पीते रहने की सख्त सलाह दी गई है।

पूर्वानुमानों के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू और गंभीर लू की स्थिति जारी रहेगी। उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से तेज गर्मी देखने को मिल सकती है। जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में हफ्ते के अंत में छिटपुट बारिश की संभावना है, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के मैदानी क्षेत्रों को इससे कोई राहत नहीं मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत को इस तपिश से असली राहत मई के अंत में ही मिल सकती है, जब दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से कुछ पहले यानी 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। यदि मानसून की गति तेज रही, तो जून की शुरुआत में उत्तरी मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट आ सकती है।

Logo