न्यूयॉर्क, 6 जून
भारतीय आमों ने अमेरिका में अपने स्वाद और गुणवत्ता का ऐसा जलवा बिखेरा कि सिएटल शहर में आयोजित ‘मैंगो मैजिक’ कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग इसे देखकर हैरान रह गए। भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित इस इवेंट में भारत की सात प्रीमियम आम की किस्में—अल्फांसो, केसर, दशहरी, लंगड़ा, बंगनपल्ली, हिमायत और राजापुरी—उपस्थित अमेरिकी ग्राहकों और बड़े रिटेल कारोबारियों के सामने पेश की गईं। लेकिन जैसे ही कॉस्टको स्टोर में आम पहुंचे, यह सबकुछ चौंकाने वाला हो गया। दो घंटे के भीतर पूरा स्टॉक बिक गया और वहां मौजूद लोग भारतीय आमों की मिठास और उनके लोकप्रियता के कारण दंग रह गए।
कार्यक्रम में अमेरिकी रिटेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़े आयातक शामिल हुए। लोगों ने न केवल आमों का स्वाद चखा बल्कि भारतीय व्यंजनों में आम से बने विशेष पकवानों का भी आनंद लिया। सिएटल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय आमों को अमेरिकी बाजार में और अधिक लोकप्रिय बनाना था।
वॉशिंगटन राज्य के उप-राज्यपाल डेनी हेक ने भारतीय आमों की तारीफ करते हुए कहा कि अब वह कभी आमों की उपलब्धता के पहले दिन का मौका नहीं छोड़ेंगे। वहीं कॉस्टको के फ्रेश प्रोड्यूस विभाग के उपाध्यक्ष बॉब हस्की ने बताया कि भारतीय केसर आम की बिक्री की शुरुआत के बाद मांग इतनी बढ़ी कि स्टॉक तुरंत समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि भारतीय आमों के प्रति अमेरिकी प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निर्यात और सप्लाई चेन को और मजबूत किया जाए, तो भारत के आम वैश्विक बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं। अल्फांसो और केसर जैसी किस्में पहले ही दुनियाभर में मशहूर हैं, लेकिन अब दशहरी, लंगड़ा और हिमायत जैसी किस्में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
भारतीय आमों की इस सफलता से न केवल किसानों और निर्यातकों को लाभ मिलेगा, बल्कि यह भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में बढ़ती मांग भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान और किसानों की आय में इजाफा साबित हो रही है। भारतीय आम अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि देश की कृषि शक्ति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रतीक बनते जा रहे हैं।