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Bathinda थर्मल प्लांट की सभी इकाइयां बंद, बिजली उत्पादन पर असर

Thermal Plant
Published On: June 22, 2026

बठिंडा, जून 22

बठिंडा जिले के लेहरा मोहब्बत स्थित 920 मेगावाट क्षमता वाले गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) की अंतिम संचालित इकाई भी रविवार को बंद हो गई, जिससे संयंत्र की सभी चार इकाइयां ठप हो गई हैं। फ्लाई ऐश का अत्यधिक जमाव होने के कारण यह कदम उठाना पड़ा। इससे धान रोपाई के चरम सीजन के दौरान पंजाब में बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

संयंत्र में करीब 1,800 ठेका कर्मी हड़ताल पर हैं, जिसके चलते रखरखाव और सफाई कार्य प्रभावित हुए हैं। तीन इकाइयां पहले ही बंद थीं, जबकि रविवार को अंतिम इकाई भी ठप हो गई। इसके बाद प्लांट प्रबंधन ने फ्लाई ऐश हटाने और संचालन बहाल करने के लिए अतिरिक्त श्रमिकों की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार संयंत्र में लगभग 500 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से करीब आधे कर्मचारी प्रशासनिक और लिपिकीय कार्यों से जुड़े हैं। हड़ताल के कारण आवश्यक तकनीकी और सहायक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट के मुख्य अभियंता तेज बंसल ने बताया कि ठेका कर्मियों की मांग उन्हें ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्त करने के बजाय सीधे पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधीन रखने की है। उनका आंदोलन 9 जून से जारी है, जबकि 16 जून से सभी ठेका कर्मी हड़ताल पर चले गए।

उन्होंने बताया कि एक इकाई 17 जून को बंद हुई थी, जबकि दो अन्य इकाइयों को 19 जून को बंद करना पड़ा। रविवार को चौथी इकाई भी फ्लाई ऐश हटाने में आ रही दिक्कतों के कारण बंद करनी पड़ी।
उत्पादन बहाल करने की कोशिशें तेज

तेज बंसल ने कहा कि तकनीकी टीमें संयंत्र का संचालन बहाल करने में जुटी हैं। उम्मीद है कि 210 मेगावाट क्षमता वाली एक इकाई जल्द दोबारा चालू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण फ्लाई ऐश हटाने का कार्य प्रभावित हुआ, जिससे इकाइयों का संचालन जारी रखना संभव नहीं रहा। सभी इकाइयों के बंद होने से राज्य की बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब कृषि और घरेलू क्षेत्रों में बिजली की मांग अधिक है।

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