जनरल सैंटोस, 10 जून
फिलीपींस में आए विनाशकारी भूकंप के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन बार-बार आ रहे तेज आफ्टरशॉक्स ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 2100 से अधिक झटके दर्ज किए जा चुके हैं, जिनके कारण प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है और राहत कार्यों में भी लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
ताजा आंकड़ों के अनुसार इस आपदा में अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 630 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 17 लोगों का अब भी कोई पता नहीं चल पाया है और उनकी तलाश जारी है। भूकंप का सबसे ज्यादा असर जनरल सैंटोस सिटी तथा उसके आसपास के सरंगानी, साउथ कोटाबाटो और दावाओ ऑक्सिडेंटल क्षेत्रों में देखा गया है, जहां भारी तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं।
फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान ने बताया कि मुख्य भूकंप के बाद से 2100 से अधिक आफ्टरशॉक्स रिकॉर्ड किए गए हैं। इनमें से कुछ झटकों की तीव्रता 6.4 तक मापी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आ रहे ये झटके पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और कमजोर कर सकते हैं तथा अतिरिक्त जनहानि का खतरा पैदा कर सकते हैं।
बचाव कार्य के दौरान भी कई बार खतरे की स्थिति उत्पन्न हुई। एक आंशिक रूप से ढही हुई किराना दुकान की इमारत में फंसे लोगों की तलाश के दौरान अचानक तेज आफ्टरशॉक आने से राहतकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि जब तक इमारत को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां दोबारा खोज अभियान शुरू नहीं किया जा सकता।
भूकंप के बाद हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। करीब 25,000 लोग अभी भी सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक कई परिवार मानसिक आघात और लगातार आ रहे झटकों के कारण अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं। आपदा में 3,100 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 29 सड़कें, 11 पुल और 100 से ज्यादा सरकारी भवन भी नुकसान की चपेट में आए हैं।
इस प्राकृतिक आपदा का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। जनरल सैंटोस का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा क्षतिग्रस्त होने के कारण अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि राहत सामग्री पहुंचाने और सरकारी आपातकालीन उड़ानों को विशेष अनुमति दी गई है ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक मदद पहुंचाई जा सके।
भूकंप के बाद समुद्री इलाकों में भी खतरा बढ़ गया। समुद्र में उठी ऊंची लहरों की चपेट में आने से कई लोग बह गए थे। तटरक्षक बल ने कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शक्तिशाली भूकंप कोटाबाटो ट्रेंच क्षेत्र में हुई भूगर्भीय हलचल का परिणाम है। उनका कहना है कि हाल के दशकों में फिलीपींस में आए सबसे ताकतवर भूकंपों में यह एक माना जा रहा है। लगातार आ रहे झटकों और व्यापक तबाही के बीच पूरे देश की नजरें अब राहत और पुनर्वास कार्यों पर टिकी हुई हैं।