चंडीगढ़, 10 जून
पंजाब में सरकारी बस सेवाओं पर बुधवार को बड़ा असर देखने को मिला, जब पंजाब रोडवेज और पनबस के संविदा कर्मचारियों ने अचानक अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। कर्मचारियों के इस कदम से राज्यभर में हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित हो गया।
हड़ताल पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (पंजाब) के नेतृत्व में की जा रही है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को शामिल कर सरकारी परिवहन व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका कर्मचारी लंबे समय से विरोध करते आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पहले यह आंदोलन 22 से 24 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा चंडीगढ़ से दिल्ली एयरपोर्ट रूट पर किलोमीटर स्कीम के तहत पांच वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद कर्मचारियों ने अपना रुख बदल लिया और तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला कर लिया।
जालंधर डिपो-1 के यूनियन प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार को पहले ही स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया था कि कर्मचारी निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत चलाए जाने के खिलाफ हैं। इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए नई सेवाएं शुरू कर दीं, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार को निजी ऑपरेटरों को बढ़ावा देने के बजाय पनबस और पीआरटीसी के बेड़े में सरकारी बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए। साथ ही लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरकर परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाया जाना चाहिए।
इस बीच यूनियन के उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने बताया कि पीआरटीसी प्रबंधन ने बुधवार सुबह यूनियन प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैठक में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है तो दोपहर 12 बजे से पीआरटीसी के चालक और परिचालक भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं, जिससे बस सेवाएं और अधिक प्रभावित होंगी।
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पंजाब में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।