मस्कट, 11 जून
ओमान के तट के निकट गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एमटी जलवीर नामक तेल टैंकर के इंजन रूम में अचानक आग लग गई और जहाज से धुआं उठता दिखाई दिया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आग जहाज के इंजन कक्ष में लगी थी, जिसके कारण पूरे टैंकर से धुआं निकलने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित पाए गए हैं।
जहाजों की निगरानी करने वाली वेबसाइट के अनुसार एमटी जलवीर गिनी-बिसाऊ के ध्वज के तहत संचालित होने वाला एक टैंकर है। इसकी लंबाई लगभग 120 मीटर और चौड़ाई करीब 17 मीटर है। इससे पहले ब्रिटेन की समुद्री निगरानी एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने सोहार बंदरगाह के निकट एक टैंकर में आग लगने की सूचना जारी की थी, हालांकि उस समय संबंधित जहाज का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया था।
यूकेएमटीओ ने अपने बयान में बताया कि स्थानीय अधिकारियों से इंजन कक्ष में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई है। एजेंसी ने मामले की जांच जारी रहने की जानकारी देते हुए क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि घटना के कारण किसी प्रकार का पर्यावरणीय नुकसान सामने नहीं आया है।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि एमटी जलवीर पर मौजूद चालक दल को ओमान की रॉयल नेवी की सहायता से शिनास पोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है और यह प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भारत ने व्यापारी जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि वैश्विक समुद्री क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं और हाल की घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष, अस्थिरता और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहे प्रभाव को चिंताजनक बताते हुए संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया था।