चंडीगढ़, 18 जून
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। India Meteorological Department ने अनुमान जताया है कि 18 जून से 22 जून के बीच क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव की वजह एक नया पश्चिमी विक्षोभ है, जो सक्रिय होकर इलाके के मौसम को प्रभावित कर सकता है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि पंजाब में गर्मी हरियाणा की तुलना में थोड़ी अधिक बनी रह सकती है। राहत की बात यह है कि फिलहाल लू चलने की कोई संभावना नहीं है, जिससे लोगों को कुछ हद तक सुकून मिल सकता है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 1 जून से 17 जून के बीच पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पंजाब में बरनाला और होशियारपुर जैसे जिलों में वर्षा की भारी कमी देखने को मिली है, जबकि संगरूर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मानसा, पठानकोट और कपूरथला में भी बारिश का स्तर सामान्य से काफी नीचे रहा है।
हरियाणा में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही, जहां अंबाला में सबसे अधिक बारिश की कमी दर्ज की गई है। यमुनानगर, कैथल, पंचकूला, रोहतक और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी वर्षा का स्तर सामान्य से कम बना हुआ है।
चंडीगढ़ में 1 जून से 17 जून के बीच केवल 35.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो औसत से लगभग 40 प्रतिशत कम है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि 18 से 22 जून के बीच संभावित बारिश इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है और मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।