जम्मू, 10 जुलाई
अमरनाथ यात्रा के दौरान शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। अमरनाथ तीर्थयात्रियों को लेकर पहलगाम आधार शिविर जा रहा एक वाहन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में छह श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बैकुंठपुर के निवासी हैं।
अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना उधमपुर-चेनानी खंड पर टोल्डी नाले के पास हुई, जब वाहन अचानक सड़क से फिसलकर पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारतीय सेना, नागरिक सुरक्षा, यातायात पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल पहुंचाया गया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि गंभीर रूप से घायल एक श्रद्धालु को बेहतर उपचार के लिए जीएमसी जम्मू रेफर किया गया है, जबकि अन्य पांच श्रद्धालुओं की हालत स्थिर है और उनका इलाज जीएमसी उधमपुर में चल रहा है।
मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें उधमपुर के टोल्डी नाले के पास हुई सड़क दुर्घटना की जानकारी मिली है, जिसमें मध्य प्रदेश के रीवा से अमरनाथ यात्रा पर आए छह श्रद्धालु शामिल थे। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन के लिए पहलगाम आधार शिविर जा रहे थे, तभी उनका वाहन सड़क से फिसल गया। उपराज्यपाल ने जम्मू के संभागीय आयुक्त, उधमपुर के उपायुक्त तथा जीएमसी जम्मू और जीएमसी उधमपुर के चिकित्सा अधिकारियों को घायलों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भगवान शिव से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
हादसे के बाद उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) शिव कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अमृतपाल सिंह, उपायुक्त मिंगा शेरपा और सीआरपीएफ कमांडेंट मनोज सिकोन ने जीएमसी उधमपुर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। जिला प्रशासन ने पीड़ित श्रद्धालुओं और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने उधमपुर के उपायुक्त मिंगा शेरपा से बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन घायलों की हरसंभव मदद कर रहा है और उनका कार्यालय लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में है, ताकि राहत एवं उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे।