नई दिल्ली, 30 जून
मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप जल्द ही अपने करोड़ों यूजर्स के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित ‘यूजरनेम’ फीचर लेकर आ रहा है। इस नए फीचर के लागू होने के बाद किसी से चैट करने के लिए अपना निजी मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं रहेगा। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर इस फीचर को जारी करने से पहले इसी सप्ताह यूजरनेम रिजर्वेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब तक व्हाट्सएप पर किसी भी व्यक्ति से बातचीत करने के लिए उसका मोबाइल नंबर सेव करना आवश्यक होता था। हालांकि, नए अपडेट के बाद हर यूजर अपनी पसंद का एक यूनिक यूजरनेम बना सकेगा, ठीक वैसे ही जैसे इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होता है। कंपनी ने ‘इट्स टाइम टू रिजर्व योर व्हाट्सएप यूजरनेम’ शीर्षक वाले ब्लॉग पोस्ट में बताया कि कई बार लोग किसी सहपाठी, पड़ोसी या किसी कार्यक्रम में मिले व्यक्ति से केवल चैट करना चाहते हैं, लेकिन अपना निजी फोन नंबर साझा नहीं करना चाहते। ऐसे मामलों में यूजरनेम फीचर काफी उपयोगी साबित होगा।
व्हाट्सएप के अनुसार इस फीचर को उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मौजूदा समय में कई लोग ऐसे ग्रुप्स का हिस्सा होते हैं, जिनमें अनजान सदस्य भी शामिल रहते हैं और वहां उनका मोबाइल नंबर सभी को दिखाई देता है। नए फीचर के आने के बाद ग्रुप चैट में भी यूजर्स बिना अपना फोन नंबर सार्वजनिक किए बातचीत कर सकेंगे।
दुनिया भर में व्हाट्सएप के तीन अरब से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं। इतने बड़े यूजर आधार को देखते हुए कंपनी ने पहले से ही यूजरनेम रिजर्वेशन की सुविधा शुरू की है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को अपनी पसंद का नाम मिल सके। यदि किसी यूजर का पसंदीदा नाम पहले से लिया जा चुका होगा, तो इन-बिल्ट यूजरनेम जेनरेटर उपलब्ध विकल्पों के सुझाव देगा। इससे कंटेंट क्रिएटर्स, छोटे कारोबारियों और विभिन्न संस्थानों को भी लाभ होगा, क्योंकि वे अपने इंस्टाग्राम या फेसबुक वाले यूजरनेम को ही व्हाट्सएप पर भी इस्तेमाल कर सकेंगे और सभी प्लेटफॉर्म पर उनकी एक जैसी पहचान बनी रहेगी।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप पर किसी प्रकार की सार्वजनिक यूजरनेम डायरेक्ट्री या सुझाव प्रणाली उपलब्ध नहीं होगी। यानी किसी व्यक्ति से बातचीत शुरू करने के लिए उसका सटीक यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। इसके अलावा कंपनी एक वैकल्पिक ‘यूजरनेम की’ फीचर भी उपलब्ध कराएगी। यदि कोई यूजर इस सुरक्षा विकल्प को सक्रिय करता है, तो पहली बार संदेश भेजने वाले व्यक्ति को उस विशेष ‘की’ को दर्ज करना होगा, तभी उसका संदेश संबंधित यूजर तक पहुंच सकेगा। इससे प्लेटफॉर्म पर गोपनीयता और सुरक्षा दोनों को और मजबूती मिलेगी।