नई दिल्ली, 27 मई
देश की दो प्रमुख एयरलाइंस Air India और IndiGo ने बढ़ती परिचालन लागत और कमजोर पड़ती मांग के बीच बड़ा फैसला लिया है। दोनों कंपनियों ने 1 जून से अपनी घरेलू उड़ानों की क्षमता में कटौती करने का निर्णय लिया है। यह कटौती अगले तीन महीनों तक लागू रहेगी, जिससे यात्रियों को टिकट उपलब्धता और किराए को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ा है, क्योंकि ईंधन खर्च विमानन कंपनियों के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होता है।
बताया जा रहा है कि एयर इंडिया अपने घरेलू परिचालन में करीब 15 फीसदी तक की कटौती करेगी। वहीं इंडिगो पांच से सात फीसदी तक उड़ानें कम करने की तैयारी में है। कंपनियों का मानना है कि इससे बढ़ती लागत को नियंत्रित करने और संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा स्कूलों की छुट्टियां समाप्त होने के बाद हवाई यात्रा की मांग में आने वाली गिरावट भी इस फैसले का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। हर वर्ष इस अवधि में यात्रियों की संख्या कम हो जाती है, जिससे एयरलाइंस को वित्तीय दबाव झेलना पड़ता है। ऐसे में कंपनियां अपनी सेवाओं को सीमित कर परिचालन को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं।
हालांकि, इस निर्णय का असर यात्रियों पर भी पड़ सकता है। उड़ानों की संख्या घटने से टिकटों की उपलब्धता कम हो सकती है और कई रूट्स पर किराए बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल दोनों एयरलाइंस आने वाले महीनों में स्थिति के अनुसार अपनी रणनीति तय करने में जुटी हैं।