मुंबई, 14 जुलाई
अभिनेत्री अंजलि आनंद इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धमाल 4’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में प्लस-साइज कलाकारों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अंजलि का कहना है कि फिल्मों में अक्सर प्लस-साइज एक्टर्स को केवल कॉमेडी या स्टीरियोटाइप किरदारों तक सीमित कर दिया जाता है और उन्हें उनकी अभिनय क्षमता के बजाय शरीर के आधार पर आंका जाता है।
एक बातचीत के दौरान अंजलि ने अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेल बॉटम’ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उस फिल्म में सिर्फ इसलिए लिया गया था क्योंकि वह मोटी हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में उनका किरदार केवल इस वजह से था ताकि एक आतंकवादी उनके ऊपर गिर सके और पकड़ा जा सके। अंजलि ने कहा कि उन्हें ऐसे रोल केवल उनके वजन की वजह से मिलते हैं, जो उन्हें बेहद निराश करता है।
उन्होंने कहा कि जब लोग उनके वजन का मजाक उड़ाते हैं तो उन्हें बुरा लगता है। उनके मुताबिक लोग यह देखने की कोशिश भी नहीं करते कि वह एक अच्छी अभिनेत्री हैं या नहीं, बल्कि सिर्फ उनके शरीर को देखकर उन्हें जज कर लेते हैं। अंजलि ने कहा कि जो लोग दूसरों के रूप-रंग पर टिप्पणी करते हैं, वे किसी को भी नहीं छोड़ते। उनके अनुसार दीपिका पादुकोण और ऐश्वर्या राय जैसी अभिनेत्रियां भी आलोचना का सामना करती हैं, जबकि शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारे भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की राय किसी इंसान की असली पहचान तय नहीं करती।
अंजलि ने आगे बताया कि रणवीर सिंह और आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के बाद उन्हें एक खास तरह के किरदारों के लिए टाइपकास्ट किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि उस फिल्म में उनके किरदार ने बॉडी शेमिंग के खिलाफ आवाज उठाई थी, जो पहले बहुत कम देखने को मिला था। इससे पहले फिल्मों में मोटी लड़की का किरदार अक्सर सिर्फ खाने-पीने वाली या हास्य पैदा करने वाली लड़की तक सीमित रहता था, जिसे मजाक का पात्र बना दिया जाता था।
अभिनेत्री ने कहा कि जब लोगों का ध्यान उन पर बढ़ा तो उन्हें इस बात का डर भी सताने लगा कि ट्रोलिंग और नकारात्मक टिप्पणियां भी बढ़ेंगी। हालांकि उन्होंने बताया कि उनकी निजी जिंदगी में कभी किसी ने उनके वजन को लेकर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश नहीं की। लोग उन्हें उनके व्यक्तित्व और काम के लिए पसंद करते हैं।
अंजलि का मानना है कि ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ ने फिल्म इंडस्ट्री में प्लस-साइज कलाकारों को लेकर सोच बदलने की शुरुआत जरूर की, लेकिन इसके साथ ही उन्हें एक सीमित दायरे में भी बांध दिया। उन्होंने कहा कि बाद में ‘डब्बा कार्टेल’ और ‘रात जवान है’ जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए उन्होंने उस छवि से बाहर निकलने और खुद को एक अलग तरह की अभिनेत्री के रूप में स्थापित करने की कोशिश की।