डेस मोइनेस, 30 जून
अमेरिका के मिडवेस्ट (मध्य-पश्चिम) क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गर्मी की लहर अब धीरे-धीरे पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते कई स्थानों पर समर कैंप, किसानों के बाजार और अन्य आउटडोर गतिविधियां रद्द या स्थगित करनी पड़ी हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए कूलिंग सेंटर शुरू किए हैं और घर से बाहर कम निकलने, पर्याप्त पानी पीने तथा तेज धूप से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार आयोवा सहित मिडवेस्ट के बड़े हिस्से में कम से कम मंगलवार तक अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी रहेगी। इस दौरान तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की संभावना है, जबकि उमस के कारण महसूस होने वाला तापमान (हीट इंडेक्स) 37.8 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिक एंड्रयू एंसोर्ज ने बताया कि पूरे सप्ताह अधिकांश क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। वहीं मौसम विशेषज्ञ स्कॉट क्लीबॉयर के अनुसार गुरुवार और शुक्रवार तक यह गर्मी ओहायो वैली, मिड-अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पहुंच जाएगी, जहां कई स्थानों पर रिकॉर्ड स्तर का तापमान दर्ज होने की आशंका है।
भीषण गर्मी को देखते हुए कई शहरों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मिशिगन के फ्लिंट शहर में लोगों को राहत देने के लिए चार कूलिंग सेंटर खोले गए हैं। वहीं मिशिगन में किसानों का बाजार और मिनेसोटा में प्रस्तावित ड्राइव-इन थिएटर का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। कई समर कैंपों ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यक्रमों के समय में बदलाव किया है ताकि उन्हें तेज धूप और अत्यधिक गर्मी से बचाया जा सके।
विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय-मैडिसन ने भी अपने परिसर में एयर कंडीशनिंग व्यवस्था प्रभावित होने के कारण 23 भवनों को आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कुछ ग्रीष्मकालीन कक्षाओं को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वर्ष की पहली भीषण गर्मी को अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते, जबकि इससे कुछ ही मिनटों में हीट स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के रंग के कपड़े पहनने, दोपहर की तेज धूप से बचने और जहां तक संभव हो, छायादार या वातानुकूलित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
उधर, यूरोप भी इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस सहित कई देशों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया है और गर्मी से जुड़ी कई मौतों की खबरें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है, इसलिए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की आवश्यकता है।