चंडीगढ़, 30 मई
ट्राईसिटी क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया। सुबह होते ही आसमान पर घने बादलों ने डेरा जमा लिया और तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने पिछले कई दिनों से झुलसा रही भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई।
हालांकि सुबह अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकले लोगों को तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के कारण कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन जल्द ही ठंडी हवाओं और फुहारों ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। मौसम में आई इस नरमी से लोगों ने राहत की सांस ली। इससे पहले शुक्रवार को भी तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि शनिवार को मौसम और अधिक सुहावना हो गया।
इधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी मानसून को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार जून से सितंबर के बीच देश में औसतन 90 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। अनुमान के मुताबिक उत्तर-पूर्वी भारत में सामान्य वर्षा दर्ज हो सकती है, जबकि देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि देश के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में मानसून की वर्षा दीर्घकालिक औसत के 94 प्रतिशत से कम रहने की संभावना है। वहीं जून महीने में भी सामान्य से कम, यानी 92 प्रतिशत से कम वर्षा होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले सात दिनों के भीतर केरल में दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून की शुरुआत एक जून के आसपास केरल से होती है। मौसम वैज्ञानिकों ने प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ जैसी परिस्थितियां विकसित होने की आशंका जताई है, जिसका असर देशभर में वर्षा के पैटर्न पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि जून के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलने की संभावना है। ऐसे में मौसम की यह मौजूदा राहत भले ही लोगों को सुकून दे रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी का असर फिर बढ़ सकता है।