नई दिल्ली, 12 जून
देशभर में मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे एक फैसले में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर उपचार में इस्तेमाल होने वाली अहम दवाओं, एंटी-टेटनस इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन तथा बच्चों के टीकाकरण में उपयोग होने वाले कुछ आवश्यक टीकों की कीमतों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। प्राधिकरण का कहना है कि यह निर्णय कच्चे माल की लगातार बढ़ती लागत और दवाओं की संभावित कमी को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
एनपीपीए ने ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO), 2013 के पैरा-19 के तहत प्राप्त विशेष अधिकारों का उपयोग करते हुए कैंसर के इलाज में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली कार्बोप्लैटिन और सिस्प्लैटिन दवाओं की अधिकतम कीमतों में एकमुश्त 50 प्रतिशत वृद्धि की अनुमति दी है। संशोधित दरों के अनुसार कार्बोप्लैटिन 10 मिलीग्राम प्रति मिलीलीटर इंजेक्शन की कीमत अब 90.74 रुपये प्रति मिलीलीटर और सिस्प्लैटिन 1 मिलीग्राम प्रति मिलीलीटर इंजेक्शन की कीमत 10.89 रुपये प्रति मिलीलीटर निर्धारित की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार इन दवाओं में उपयोग होने वाले सक्रिय औषधीय घटकों (API) की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके चलते इनके उत्पादन और आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा था। अस्पतालों, कैंसर विशेषज्ञों और दवा निर्माताओं ने भी इन दवाओं की उपलब्धता में कमी और आपूर्ति संबंधी बाधाओं की शिकायत दर्ज कराई थी।
इसी क्रम में एनपीपीए ने एंटी-टेटनस इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन की कीमतों में भी 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की है। यह उत्पाद वर्तमान में केवल भारत सीरम्स एंड वैक्सीन्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया जाता है। नई कीमतों के तहत 250 आईयू वायल की कीमत 1,912.02 रुपये और 500 आईयू वायल की कीमत 2,881.19 रुपये होगी। कंपनी का कहना था कि आयातित कच्चे माल की बढ़ती लागत, विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और उत्पादन खर्च में वृद्धि के कारण इसका निर्माण आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा था।
एनपीपीए ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित तीन महत्वपूर्ण टीकों की कीमतों में भी संशोधन किया है। इसके तहत पहले लागू 17.10 प्रतिशत के ‘मोनोपॉली रिडक्शन’ प्रावधान को हटाकर नई कीमतें निर्धारित की गई हैं। संशोधित दरों के अनुसार बीसीजी वैक्सीन की कीमत 8.20 रुपये से बढ़कर 9.89 रुपये प्रति डोज हो गई है। वहीं खसरा-रूबेला वैक्सीन की कीमत 72.90 रुपये से बढ़कर 87.93 रुपये प्रति वायल तथा खसरा वैक्सीन की कीमत 51.40 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति वायल कर दी गई है।
एनपीपीए ने स्पष्ट किया है कि कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं की नई कीमतों की छह महीने बाद समीक्षा की जाएगी। यदि इस अवधि से पहले कच्चे माल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है तो समीक्षा प्रक्रिया पहले भी शुरू की जा सकती है।