नई दिल्ली, 29 जुलाई
लोकसभा ने बुधवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित गोलीबारी को लेकर दिए गए बयान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विवाद और शोर-शराबे के बावजूद सरकार ने विधेयक को सदन से मंजूरी दिला दी।
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार यह संशोधन पिछले अनुभवों से सीख लेकर कानून को और प्रभावी बनाने की दिशा में किया गया है।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में एंटी पेपर लीक कानून लागू होने के बाद अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के कारण होने वाली आत्महत्याओं में भी कमी आई है, जिसे उन्होंने इस कानून के सकारात्मक प्रभाव का संकेत बताया। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह गुस्से, हिंसा या नफरत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के युवाओं की भावनाओं और चिंताओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल, यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी को भी छात्रों की आवाज सुननी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि यदि भाजपा के नेता अपने बच्चों से पूछेंगे कि प्रदर्शन क्यों हो रहे थे, तो उन्हें भी छात्रों की वास्तविक चिंताओं का एहसास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों ने जो किया उसमें कुछ भी गलत नहीं था और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए। राहुल गांधी के अनुसार छात्रों और युवा छात्राओं से बातचीत के दौरान उन्हें देश की शिक्षा व्यवस्था को समझने का एक नया नजरिया मिला।