ग्लास्गो, 28 जुलाई
भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुष हाई जंप स्पर्धा का रजत पदक जीत लिया। 31 वर्षीय सर्वेश ने 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाकर यह उपलब्धि हासिल की और कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इससे पहले वर्ष 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए पहली बार इस स्पर्धा में पदक दिलाया था।
फाइनल मुकाबले में सर्वेश कुशारे और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड दोनों ने 2.25 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार की, लेकिन 2.28 मीटर की ऊंचाई पर दोनों खिलाड़ी असफल रहे। इसके बाद काउंटबैक नियम के आधार पर विजेता का फैसला किया गया। कम असफल प्रयास होने के कारण बेकफोर्ड को स्वर्ण पदक मिला, जबकि सर्वेश को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत के एक अन्य खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव गांव से आने वाले सर्वेश कुशारे की सफलता संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। उनके पिता प्याज की खेती करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। बचपन में अभ्यास के लिए उचित सुविधाएं नहीं थीं, इसलिए उनके पिता और पहले कोच ने मकई के छिलकों, कपास और खेतों में उपलब्ध अन्य अवशेषों से अस्थायी लैंडिंग पिट तैयार की, ताकि सर्वेश हाई जंप का अभ्यास जारी रख सकें।
हाल के महीनों में सर्वेश लगातार शानदार फॉर्म में रहे हैं। इसी महीने उन्होंने मोनाको डायमंड लीग में 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया था और डायमंड लीग में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के चौथे एथलीट बने थे। इससे पहले उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।
अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद सर्वेश ने कहा कि यह उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है और यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स ओलंपिक की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं हैं तथा उनका अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। उन्होंने यह भी कहा कि वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का सपना लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मुकाबले के बारे में उन्होंने बताया कि वह हर ऊंचाई को पहले ही प्रयास में पार करना चाहते थे और यह प्रतियोगिता उनके लिए यादगार अनुभव रही। सर्वेश ने साथी एथलीट तेजस्विन शंकर की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सलाह और सहयोग से उन्हें काफी मदद मिली और भविष्य में भी वे साथ मिलकर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सर्वेश कुशारे को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष हाई जंप में रजत पदक जीतने पर सर्वेश कुशारे को हार्दिक शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और शानदार प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व की बात है तथा उन्होंने सर्वेश के उज्ज्वल भविष्य और आने वाली प्रतियोगिताओं में और अधिक सफलताओं की कामना की।