चंडीगढ़, जुलाई 31
महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर सुनाम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद के बलिदान को याद करते हुए जनसभा को संबोधित किया और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की सामाजिक एकता को कोई भी ताकत कमजोर नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री ने सुनाम से अपने भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी जन्मभूमि भी है और कर्मभूमि भी। उन्होंने बताया कि बचपन में वह हर वर्ष 31 जुलाई को अपने पिता के साथ यहां लगने वाले मेले में आते थे और मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रॉली से फसल बेचने भी पहुंचते थे। उन्होंने कहा कि सुनाम का कर्ज वह कभी नहीं चुका सकते।
भगवंत मान ने वर्ष 1993-94 में अपने लंदन दौरे की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने किसी पर्यटन स्थल पर जाने के बजाय सबसे पहले कैक्सटन हॉल का रुख किया था, जहां शहीद ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेते हुए माइकल ओ’डायर को गोली मारी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष देश की आजादी के 80 वर्ष पूरे होंगे, लेकिन पिछली सरकारों की नीतियों के कारण लंबे समय तक लोगों को सड़कों, अस्पतालों और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने साढ़े चार वर्षों में बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के मेरिट के आधार पर 68,685 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि 600 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की है, जिसका लाभ बड़े निजी अस्पतालों में भी लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि एक जुलाई को 32 लाख महिलाओं को इसका लाभ दिया गया था, जबकि एक अगस्त को 40 लाख और महिलाओं के खातों में तीन महीने की सहायता राशि भेजी जाएगी।
किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब किसानों को रात में सिंचाई के लिए खेतों में नहीं जाना पड़ता। सरकार ने खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइनें बिछाई हैं। इसके अलावा रजवाहों और नहरों की सफाई कर 21,000 क्यूसेक पानी अंतिम छोर तक स्थित खेतों तक पहुंचाया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार बनी थी, तब शिक्षा के मामले में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था। शिक्षकों को सिंगापुर और फिनलैंड में प्रशिक्षण दिलाने तथा स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद केंद्र सरकार की ताजा रैंकिंग में पंजाब पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले कुछ ताकतें पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश करती हैं, लेकिन राज्य की सामाजिक और सांप्रदायिक एकता इतनी मजबूत है कि नफरत का कोई भी बीज यहां पनप नहीं सकता।
समारोह को पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करीब 100 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और आधारशिला भी रखी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, मंत्री बरिंदर गोयल सहित कई मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।