मुंबई, जुलाई 31
महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया। इस दुर्घटना में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सात से आठ लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल पूरी रात मलबा हटाने में जुटे रहे और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।
यह हादसा रात करीब 11:30 बजे पावरलूम नगरी के बालाजी नगर स्थित कोहिनूर बिल्डिंग में हुआ। बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ समय पहले ही इमारत झुकने लगी थी। इसकी भनक लगते ही वहां मरम्मत का काम कर रहे कई मजदूर और कुछ निवासी बाहर निकल आए। चूंकि उस समय भवन में रिपेयरिंग का कार्य चल रहा था, इसलिए अधिकांश लोग पहले ही बाहर आ चुके थे, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने मलबा हटाने के दौरान कई लोगों को बाहर निकाला। अभियान के दौरान एक महिला को जीवित बचा लिया गया, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। वहीं मलबे से कई शव भी बरामद किए गए हैं।
हादसे में बच निकले दीपक कुमार यादव ने बताया कि पास की इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। रात का खाना खाने के बाद सभी सो चुके थे, तभी अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर निकलते ही चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था। जान बचाने के लिए उन्होंने पहली मंजिल से छलांग लगा दी।
अपने लापता पति की तलाश में परेशान नेहा सिंह ने बताया कि उनके पति रंजीत सिंह यह कहकर नीचे गए थे कि उन्हें कुछ जांच करनी है। करीब दस मिनट बाद ही पूरी इमारत का एक हिस्सा ढह गया। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद से उनके पति का कोई पता नहीं चल पाया है। उनके मोबाइल पर घंटी तो जा रही है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार चार मंजिला इस इमारत में कुल 48 कमरे थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। भवन को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था और उसमें मरम्मत का कार्य चल रहा था। अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार रात करीब नौ बजे स्थानीय लोगों ने इमारत से तेज दरारों जैसी आवाजें सुनी थीं। खतरे को भांपते हुए कई परिवारों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कुछ लोग अभी बाहर निकल ही रहे थे कि इमारत की ‘बी’ विंग अचानक भरभराकर ढह गई।
हादसे के बाद पूरे इलाके में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, स्थानीय दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। मौके पर डॉग स्क्वॉड, चार दमकल गाड़ियां, दो एंबुलेंस और भारी मशीनरी तैनात की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में फंसे सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।