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मुकुंदपुर में जोरदार धमाका : पलभर में मलबे में तब्दील हुई इमारत, कई लोग घायल

4 नगर निकायों के लिए ‘आप’ ने जारी की उम्मीदवारों की सूची

चंडीगढ़ , Jun 2

आम आदमी पार्टी ने शाम चाैरासी, दीनानगर, गुरदासपुर और कादियां नगर निकाय चुनाव के लिए विभिन्न वार्डों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। गुरदासपुर, दीनानगर, कादियां और शाम चौरासी में वार्डबंदी के कारण निकायों के चुनाव टाले गए थे। यहां 13 जून को मतदान होगा।

पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 30 मई से शुरू होकर 3 जून दोपहर तीन बजे तक चलेगी। 4 जून को नामांकन परचों की जांच होगी। प्रत्याशी 4 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 13 जून को ही संबंधित मतदान केंद्रों पर मतगणना होगी। परिणाम भी उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इन निकायों में से तीन गुरदासपुर और एक होशियारपुर जिले में है।

पंजाब निकाय चुनाव : सुबह दस बजे तक 13.5 फीसदी वोटिंग

चंडीगढ़ , 26 May

पंजाब निकाय चुनाव में सुबह दस बजे तक 13.5% मतदान हुआ है। आप के प्रदेशाध्यक्ष अमन अरोड़ा के विधानसभा क्षेत्र में पहले दो घंटे में सबसे अधिक मतदान हुआ है । लोंगोवाल भी सुनाम विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वहीं इसी जिले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के धूरी विधानसभा इलाके में सबसे कम मतदान हुआ है ।

पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मंगलवार को पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है।

राजा वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को अपने वाहन घरों में खड़े करने पड़ रहे हैं। गरीब व्यक्ति कैसे चलेगा? जिसकी आमदनी कम है, वो घर चलाएगा या वाहन चलाएगा? उन्होंने बताया कि पंजाब में औसतन पेट्रोल 105.44 और डीजल 95.38 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को केवल चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया है। जनता को राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बैलगाड़ी से वोट डालने का मकसद सरकार को संदेश देना था कि महंगाई ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि लोगों को फिर से बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ेगा।

राजा वड़िंग ने ऐलान किया कि कांग्रेस देशभर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ रहे दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और सब्जी, राशन समेत जरूरी सामान के दाम भी बढ़ने की आशंका है। राजा वड़िंग ने कहा कि महंगाई ने आम घर का बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। किसानों पर भी बोझ बढ़ रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से संसद तक यह मुद्दा उठाएगी।

मोगा निगम चुनाव के दौरान गीता भवन चौक के पास बने पोलिंग बूथ के बाहर लगे आम आदमी पार्टी के बड़े-बड़े होर्डिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी जिला प्रधान डॉ. हरजोत कमल ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

निकाय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। जो मतदाता शाम 5 बजे तक केंद्रों पर पहुंचेंगे, वे वोट डाल सकेंगे। कुल 3977 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पूरी प्रक्रिया जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में हो रही है। मोहाली नगर निगम के 50 वार्डों के लिए मतदान शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह ने सेक्टर-89 लखनौर में अपने परिवार सहित वोट डाला।

पंजाब निकाय चुनाव : कल किसके सिर सजेगा निकायों का ताज? 105 नगर निकायों के लिए वोटिंग कल

चंडीगढ़, मई 25

पंजाब में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। राज्य के 105 नगर निकायों के लिए 26 मई को मतदान होगा, जबकि 29 मई को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। रविवार शाम चुनाव प्रचार थमने के साथ ही रैलियों और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लग गई है। अब उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। वहीं आज पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा।

इस बार पंजाब के आठ नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों की सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। चुनाव मैदान में कुल 7555 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि 79 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि 2393 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए थे।

नगर निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा उम्मीदवार सत्ताधारी भगवंत मान की पार्टी आम आदमी पार्टी के मैदान में हैं, जिनकी संख्या 1801 बताई जा रही है। इसके बाद कांग्रेस के 1550, भाजपा के 1316 और शिरोमणि अकाली दल के 1251 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी के 96 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं क्योंकि इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सभी प्रमुख दल इस चुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत और जनाधार की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं। इस बीच शिरोमणि अकाली दल ने राज्य चुनाव आयोग से मतदान का समय बढ़ाने की मांग की है। अकाली नेता डा दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बजाय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। उनके अनुसार यदि सुबह और शाम के समय को ध्यान में रखते हुए मतदान अवधि बढ़ाई जाए तो अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय मजदूर वर्ग के लिए सुविधाजनक नहीं है, क्योंकि कामकाज के चलते कई लोग मतदान से वंचित रह सकते हैं। ऐसे में मतदान समय बढ़ाना लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

पंजाब निकाय चुनाव में सियासी संग्राम तेज, दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

चंडीगढ़, 23 मई

पंजाब में होने वाले निकाय चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है और इसी वजह से राज्य की सियासत पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुकी है। भाजपा, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के बड़े नेता अपनी-अपनी पार्टियों के प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। चुनाव में अब सिर्फ तीन दिन का समय बचा है, इसलिए सभी दलों के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और सांसद लगातार प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं।

राज्य में 26 मई को 105 नगर निकायों के लिए मतदान होना है। इनमें आठ नगर निगम और 97 नगर परिषद एवं नगर पंचायतें शामिल हैं। चुनाव परिणाम 29 मई को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह चुनाव करीब आठ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव का माहौल तय करेंगे और सभी दलों के लिए जनता का मूड समझने का बड़ा आधार बनेंगे।

चूंकि यह चुनाव मुख्य रूप से शहरी वोटरों पर आधारित हैं, इसलिए सभी पार्टियां बेहद सतर्क दिखाई दे रही हैं। माना जा रहा है कि यह मुकाबला पंचायत चुनावों की तरह जातीय समीकरणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विकास और राजनीतिक प्रदर्शन के मुद्दों पर लड़ा जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू स्टार प्रचारकों के तौर पर विभिन्न जिलों में रणनीतिक बैठकों और जनसभाओं के जरिए पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं।

शिरोमणि अकाली दल की ओर से पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने खुद चुनावी मोर्चा संभाल रखा है। उनके साथ वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बिक्रम सिंह मजीठिया भी कई जिलों में प्रचार अभियान चला रहे हैं। सुखबीर बादल लगातार जनसभाएं कर मतदाताओं को अकाली दल के पक्ष में लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस भी इस चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और विधायक परगट सिंह समेत कई बड़े नेता लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हैं और पार्टी प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए रणनीति बना रहे हैं।

उधर, आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनाव उसके मंत्रियों और विधायकों की लोकप्रियता की परीक्षा माने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी मंत्रियों और विधायकों को उनके क्षेत्रों में आने वाले निकायों में जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व इन चुनाव नतीजों के जरिए यह आकलन करना चाहता है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उसके जनप्रतिनिधियों की जनता के बीच कितनी पकड़ बनी है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनावों और निकाय चुनावों के प्रदर्शन के आधार पर ही आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण का फैसला किया जाएगा। खराब प्रदर्शन करने वाले विधायकों के टिकट पर भी खतरा मंडरा सकता है।

पंजाब निकाय चुनाव पर बड़ा फैसला : हाईकोर्ट ने EVM की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज की

चंडीगढ़, मई 22

पंजाब में निकाय चुनाव अब केवल बैलेट पेपर से ही होंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर दाखिल की गई सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि अब मतदान 26 मई को होना तय है और समय की कमी के कारण बदलाव संभव नहीं है।

प्रदेश में 105 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए मतदान तय है। Mohali निवासी रुचिता गर्ग द्वारा दाखिल जनहित याचिका में स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से कराने की मांग की गई थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही चुनाव प्रक्रिया को बैलेट पेपर प्रणाली में वापस लेने को अव्यवहारिक मान चुका है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि पंजाब कानून की धारा 64 में स्पष्ट है कि जहां बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर का उल्लेख है, वहां ईवीएम को भी शामिल माना जाएगा।

अदालत को यह भी बताया गया कि पंजाब राज्य चुनाव आयोग अधिनियम की धारा 64 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 61-ए लगभग समान हैं। सुप्रीम कोर्ट पहले ही चुनाव प्रक्रिया को बैलेट पेपर प्रणाली में लौटाने की मांग को अव्यवहारिक करार दे चुका है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ईवीएम प्रणाली को 2002 में कानूनी वैधता प्राप्त हो चुकी है और उसके बाद अदालतें लगातार इसे बरकरार रखती रही हैं।

सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग ने पंजाब सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईवीएम की ट्रेनिंग और तैयारी के लिए 15 दिन का समय चाहिए। आयोग ने अदालत को बताया कि इसके लिए केवल 15 मिनट पर्याप्त हैं। महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने अदालत में कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और अब अंतिम निर्णय में कहा कि मतदान में केवल चार दिन बचे हैं और सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में चुनाव बैलेट पेपर से ही कराए जाएं। इसी के साथ अदालत ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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