मुंबई, 3 जून
अभिनेता रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (FWICE) के बीच चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। ‘डॉन 3’ से जुड़े विवाद के चलते रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किया गया असहयोग निर्देश फेडरेशन ने वापस लेने का फैसला कर लिया है, जिससे अभिनेता को बड़ी राहत मिली है।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी किया था। फेडरेशन के इस कदम के बाद फिल्म उद्योग की कई प्रमुख संस्थाएं अभिनेता के समर्थन में सामने आई थीं। इनमें इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPAA), प्रोड्यूसर्स गिल्ड और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) जैसी संस्थाएं शामिल थीं।
मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में FWICE ने पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि असहयोग निर्देश जारी होने के बाद उन्हें विभिन्न फिल्म संगठनों की ओर से इसे वापस लेने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। इन संस्थाओं का मानना था कि इस तरह का कदम फिल्म उद्योग के लिए उचित नहीं होगा।
फेडरेशन ने कहा कि IMPAA, प्रोड्यूसर्स गिल्ड और CINTAA सहित कई संगठनों की अपील पर गंभीरता से विचार किया गया और अंततः असहयोग निर्देश वापस लेने का निर्णय लिया गया। हालांकि, फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब विधिसम्मत तरीके से दिया जाएगा।
दूसरी ओर, रणवीर सिंह ने भी इस मामले में कानूनी मोर्चा खोलते हुए FWICE को लीगल नोटिस भेजा है। फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें अभिनेता की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है और संगठन उसके जवाब की तैयारी कर रहा है।
FWICE ने यह भी साफ किया कि असहयोग निर्देश वापस लेने का फैसला किसी कानूनी दबाव के कारण नहीं, बल्कि फिल्म उद्योग की अन्य संस्थाओं के अनुरोध और व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फेडरेशन ने कहा कि वह अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आगे की कार्रवाई करेगा।
फिल्म इंडस्ट्री में इस फैसले को रणवीर सिंह के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे उनके मौजूदा और आगामी फिल्म प्रोजेक्ट्स पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है और अभिनेता अपने पेशेवर कामकाज पर पहले की तरह ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।