परीक्षा के बीच स्कूलों को उड़ाने की धमकी! लुधियाना में मचा हड़कंप
संवाददाता
लुधियाना, 18 मई:
पंजाब के लुधियाना शहर में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब शहर के कई नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। धमकी भरे ईमेल ने स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और पुलिस महकमे की चिंता अचानक बढ़ा दी। सूचना मिलते ही पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
धमकी जिन स्कूलों को मिली, उनमें सराभा नगर एक्सटेंशन स्थित डीएवी स्कूल, दुगरी का बाल भारती स्कूल, किचलू नगर का बीवीएम स्कूल और ऊधम सिंह नगर स्थित बीवीएम स्कूल शामिल बताए जा रहे हैं। उस समय स्कूल परिसरों में परीक्षाएं चल रही थीं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे थे। अचानक आई इस सूचना ने शांत माहौल को तनाव में बदल दिया।
ईमेल की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचित किया। इसके बाद एहतियात के तौर पर बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल भवनों से बाहर निकाला गया। जैसे ही अभिभावकों को इस घटना का पता चला, वे अपने कामकाज छोड़कर घबराई हालत में स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही समय में स्कूल गेटों के बाहर माता-पिता की भारी भीड़ जमा हो गई। हर किसी के चेहरे पर डर और चिंता साफ दिखाई दे रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लुधियाना पुलिस के बम निरोधक दस्ते और एंटी-सबोटाज टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को खाली करवाकर आधुनिक उपकरणों की मदद से स्कूलों के हर हिस्से की गहन तलाशी ली। कई घंटों तक चली जांच के दौरान पुलिस ने भवनों, क्लासरूम, बैग, गलियारों और अन्य स्थानों को बारीकी से खंगाला।
थाना सराभा नगर के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि स्कूलों को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह रही कि तलाशी अभियान के दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री या खतरे जैसी चीज बरामद नहीं हुई। फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया है।
पुलिस की साइबर सेल अब इस पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी भरा ईमेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया और इसके पीछे कौन शरारती तत्व शामिल है। घटना के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है।







