पंजाब का दूध पीने लायक नहीं ! सरकारी जांच में 33 फीसदी सैंपल फेल
चंडीगढ़, 21 मई
खाने-पीने के लिए मशहूर पंजाब में दूध की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता उठी है। हाल ही में सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में लिए गए दूध के सैंपलों में से 33 फीसदी फेल पाए गए हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा नजर आ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने चेतावनी दी है कि सूबे में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब पनीर के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जा रहे हैं ताकि वहां हो रही मिलावट का भी पता लगाया जा सके।
फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पंजाब ने 6 और 7 मई को राज्यस्तरीय अभियान चलाकर 204 दूध के सैंपल एकत्र किए थे। इनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और एक सैंपल असुरक्षित भी पाया गया। सभी सैंपलों की जांच मान्यता प्राप्त स्टेट फूड लैबोरेटरी में करवाई जा रही है।
इसी अभियान के तहत एफडीए पंजाब के कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ की निगरानी में सोमवार और मंगलवार को पनीर के 211 सैंपल लिए गए, जो जांच के लिए भेजे गए हैं। बराड़ ने बताया कि फूड सेफ्टी अधिकारी फूड बिजनेस ऑपरेटरों को स्वच्छता और उचित भंडारण के तरीकों के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पनीर में मिलावट के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इसके अलावा इसमें आमतौर पर स्टार्च और सुक्रोज जैसी चीजें मिलाकर गुणवत्ता को घटाया जा रहा है।







