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‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम के भैंसे पर सरकार का बड़ा फैसला ! कुर्बानी से पहले मचा हड़कंप

ढाका, 28 मई

बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा से पहले एक अनोखे भैंसे को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम से मशहूर एक दुर्लभ सफेद भैंसे की कुर्बानी पर बांग्लादेश सरकार ने अचानक रोक लगा दी है। यह भैंसा अब कुर्बानी के बजाय राष्ट्रीय चिड़ियाघर भेजा जाएगा, जहां उसकी विशेष देखभाल की जाएगी।

यह भैंसा पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। भूरे-सफेद रंग के इस भैंसे के सिर पर सुनहरे बालों जैसा गुच्छा है, जिसकी तुलना लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेयर स्टाइल से कर रहे थे। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में इसका नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप’ रख दिया और देखते ही देखते यह पूरे बांग्लादेश में चर्चा का विषय बन गया।

करीब 700 किलो वजनी यह भैंसा एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से पीड़ित बताया जा रहा है। इस बीमारी में जानवरों के शरीर में मेलानिन की कमी हो जाती है, जिसके कारण उनकी त्वचा और शरीर का रंग सामान्य से अलग दिखाई देता है। अपने अनोखे रंग और लुक की वजह से यह भैंसा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया था। बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थे और इसकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक ईद-उल-अजहा पर इस भैंसे की कुर्बानी दी जानी थी, लेकिन इसके वायरल होने और लोगों की बढ़ती दिलचस्पी के बाद बांग्लादेश सरकार ने इसकी कुर्बानी पर रोक लगाने का फैसला कर लिया। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आखिर यह फैसला क्यों लिया गया।

भैंसे के मालिक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे और उन्होंने बताया कि सरकार ने इस भैंसे की कुर्बानी रोकने का निर्णय लिया है। मालिक ने कहा कि वे सरकार के साथ किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, इसलिए उन्होंने भैंसा प्रशासन को सौंपने का फैसला कर लिया। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि या तो उन्हें इसके बदले उचित रकम दी जाएगी या फिर दूसरा भैंसा उपलब्ध कराया जाएगा।

बांग्लादेश के राष्ट्रीय चिड़ियाघर के क्यूरेटर ने कहा कि इस दुर्लभ भैंसे को अब चिड़ियाघर में रखा जाएगा, जहां उसकी विशेष देखभाल की जाएगी। सोशल मीडिया पर ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम का यह भैंसा अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

बकरीद : मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ा जनसैलाब… बकरीद पर नेताओं ने दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली, 28 मई

देशभर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह, भाईचारे और सौहार्द के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड तक मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज अदा कर देश में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक नेताओं ने देशवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जरूरतमंदों और वंचित लोगों की मदद करने की प्रेरणा देता है और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा समरसता को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा का यह पावन अवसर समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और मजबूत करे। उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की।

तमिलनाडु में भी बकरीद पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन और एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी समेत कई नेताओं ने मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि यह पर्व त्याग, करुणा और आस्था का प्रतीक है, जबकि मुख्यमंत्री ने इसे प्रेम, समानता और मानवता का संदेश देने वाला त्योहार बताया। एम.के. स्टालिन ने जरूरतमंदों की मदद और दान की भावना को बकरीद की सबसे बड़ी सीख बताया।

पश्चिम बंगाल में भी बकरीद को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और समृद्धि लेकर आए।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे राज्य में मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने देश की तरक्की और अमन-चैन की दुआ मांगी। घरों में सेवइयां और पारंपरिक पकवान बनाए गए, जबकि पूरे दिन रिश्तेदारों और दोस्तों के मिलने-जुलने का सिलसिला चलता रहा।

अयोध्या में भी बकरीद बड़े हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में मनाई गई। सिविल ईदगाह में सुबह 8 बजे मुख्य नमाज अदा की गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इमाम ने देश में भाईचारा और खुशहाली की विशेष दुआ कराई। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी। गर्मी को देखते हुए ईदगाह के बाहर शरबत और ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई थी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, एंटी-रायट वाहन और त्वरित कार्रवाई दल तैनात किए थे। उत्तर-पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी गई ताकि किसी तरह की अफवाह न फैल सके।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बकरीद समाज में एकता, भाईचारे और करुणा का संदेश देती है। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न हो और साफ-सफाई के नियमों का पालन हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।

राजस्थान में धार्मिक नेताओं ने लोगों से नफरत छोड़कर प्रेम और इंसानियत को अपनाने की अपील की। मौलाना मुमताज अहमद कासमी ने कहा कि इस्लाम का सबसे बड़ा संदेश इंसानियत और त्याग है। वहीं अजमेर शरीफ के सज्जादानशीन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी साझा संस्कृति और आपसी सौहार्द में है।

झारखंड में भी राजधानी रांची समेत कई जिलों में बकरीद पूरे उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाई गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और मानवता की सेवा का संदेश देता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्यभर में प्रशासन अलर्ट रहा और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया।

देशभर में बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ, जहां लोगों ने धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत और एकता का संदेश दिया।

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