चंडीगढ़ , Jun 2
आम आदमी पार्टी ने शाम चाैरासी, दीनानगर, गुरदासपुर और कादियां नगर निकाय चुनाव के लिए विभिन्न वार्डों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। गुरदासपुर, दीनानगर, कादियां और शाम चौरासी में वार्डबंदी के कारण निकायों के चुनाव टाले गए थे। यहां 13 जून को मतदान होगा।
पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 30 मई से शुरू होकर 3 जून दोपहर तीन बजे तक चलेगी। 4 जून को नामांकन परचों की जांच होगी। प्रत्याशी 4 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 13 जून को ही संबंधित मतदान केंद्रों पर मतगणना होगी। परिणाम भी उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इन निकायों में से तीन गुरदासपुर और एक होशियारपुर जिले में है।
कोटा, 1 जून
देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया गया। इस वर्ष परीक्षा में कुल 56,880 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की, जिनमें 10,107 छात्राएं शामिल हैं। परिणामों में बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 360 में से 330 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया।
शुभम कुमार की सफलता की कहानी मेहनत, अनुशासन और आत्म-संयम का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और पिछले दो वर्षों की निरंतर मेहनत को दिया। शुभम ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी और मोबाइल फोन का उपयोग केवल माता-पिता तथा शिक्षकों से आवश्यक बातचीत के लिए करते थे।
उनके अनुसार वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे अध्ययन करते थे। सप्ताहभर की पढ़ाई के बाद रविवार को क्रिकेट और बैडमिंटन खेलकर खुद को तरोताजा रखते थे। जब भी तनाव महसूस होता, तो कुछ मिनट मेडिटेशन कर मानसिक संतुलन बनाए रखते थे। शुभम का कहना है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जुनून, धैर्य और निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
दो वर्ष पूर्व कक्षा 11वीं की पढ़ाई के दौरान शुभम कोटा आए थे। उनका मानना है कि कोटा का प्रतिस्पर्धी माहौल, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और विशेष अध्ययन सामग्री उनकी सफलता में अहम साबित हुई। शुभम के पिता शिव कुमार गया में हार्डवेयर व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता कंचन देवी गृहिणी हैं। बेटे की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गौरवान्वित है।
वहीं, गुरुग्राम निवासी कबीर छिल्लर 329 अंकों के साथ महज एक अंक से शीर्ष स्थान से चूक गए और देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने भी अपनी सफलता का प्रमुख कारण सोशल मीडिया से दूरी और नियमित अध्ययन को बताया। कबीर का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर कभी तनाव नहीं लेते और किसी भी विषय को एक बार पढ़ने के बाद आसानी से याद रख लेते हैं।
कबीर के पिता मोहित छिल्लर स्वयं आईआईटी से शिक्षित हैं, जबकि उनकी माता प्रियंका छिल्लर एक निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। दिलचस्प बात यह है कि देश के दोनों शीर्ष रैंकधारी छात्र भविष्य में आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने का सपना देखते हैं।
गौरतलब है कि 17 मई को आयोजित जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा में कुल 1,79,694 अभ्यर्थियों ने दोनों पेपर दिए थे। इस वर्ष के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि स्पष्ट लक्ष्य, कड़ी मेहनत, आत्म-अनुशासन और सोशल मीडिया से उचित दूरी सफलता की राह को आसान बना सकती है।
नोएडा, 30 मई
नोएडा सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र शनिवार को सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा के दौरान छात्रों और अभिभावकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को तकनीकी खामियों के चलते घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। अंततः परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप है कि वे सुबह नौ बजे निर्धारित परीक्षा के लिए समय पर पहुंचे थे। लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद जब उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला, तो वहां भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते हुए एक से दो घंटे तक कक्ष में ही बैठना पड़ा, जबकि कई कमरों में पंखे तक नहीं चल रहे थे। भीषण गर्मी में लगातार परीक्षा शुरू होने का इंतजार करने के बाद छात्रों को निराशा हाथ लगी और अंत में परीक्षा रद्द कर दी गई।
प्रदर्शन में शामिल अनुज ने बताया कि उनके भाई की परीक्षा सुबह नौ बजे थी। वह सुबह 6:30 बजे उन्हें केंद्र छोड़कर घर लौट आए और दस बजे लेने पहुंचे, लेकिन तब तक कोई छात्र बाहर नहीं आया था। अंदर से लगातार घोषणा की जा रही थी कि तकनीकी कारणों के चलते परीक्षा शुरू नहीं हो पा रही है। अनुज के अनुसार, एक छात्र ने बाहर आकर बताया कि दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई और छात्रों को बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही थी।
छात्रों का कहना है कि वे कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। 12वीं के बाद देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
केंद्र के बाहर देर तक विरोध-प्रदर्शन चलता रहा। परीक्षा रद्द होने से निराश छात्र और अभिभावक व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं, तो परीक्षा आयोजित करने से पहले इसकी जांच की जानी चाहिए थी, ताकि छात्रों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ता।