पंजाब निकाय चुनाव में बड़ा विवाद : 713 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द, विपक्ष ने लगाया पक्षपात का आरोप
चंडीगढ़, 19 मई
पंजाब में 26 मई को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कुल 713 उम्मीदवारों के पर्चे खारिज कर दिए गए, जिससे विपक्षी दलों में खलबली मच गई है। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि स्क्रूटनी में जानबूझकर उनके उम्मीदवारों को निशाना बनाया गया है और इसे चुनाव में पक्षपात करार दिया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, छंटनी के बाद अब कुल 10,096 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
विश्लेषण से पता चलता है कि सबसे अधिक 447 नामांकन 75 नगर परिषदों के लिए रद्द किए गए, जबकि आठ नगर निगमों में 151 और 21 नगर पंचायतों में 115 उम्मीदवारों के पर्चे खारिज किए गए। इन निकाय चुनावों को कई विशेषज्ञ आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों का प्रीक्वल मान रहे हैं, यही वजह है कि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल समेत सभी प्रमुख दल पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में हैं और अपने आधिकारिक चुनाव चिह्नों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आमतौर पर शहरी स्थानीय चुनावों में नागरिक सुविधाओं और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे हावी रहते हैं, लेकिन इस बार चुनावी माहौल में ये मुद्दे पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। नगर निकायों की वित्तीय कमजोरियों और खस्ताहाल बुनियादी ढांचे के बावजूद कानून-व्यवस्था की स्थिति, अवैध नशे का बढ़ता जाल, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी जैसे बड़े मुद्दे चुनावी बहस में पूरी तरह हावी हो चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस बार चुनाव परिणाम पंजाब की राजनीति के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकते हैं।







