बंगलूरू, 1 जून
लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने इस बार अपने प्रशंसकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस को हराकर दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की, लेकिन जीत के जश्न को लेकर फ्रेंचाइजी ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए बंगलूरू में विजय परेड नहीं निकालने का निर्णय लिया है।
फ्रेंचाइजी का मानना है कि सार्वजनिक विजय परेड से भारी भीड़ जुट सकती है, जिससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। यही वजह है कि इस बार किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन से बचने का फैसला किया गया है। इस निर्णय के पीछे पिछले वर्ष हुई दर्दनाक घटना भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
दरअसल, चार जून 2025 को आरसीबी की विजय परेड के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। स्थिति बेकाबू होने पर मची भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इस हादसे के बाद राज्य सरकार को जांच के आदेश देने पड़े थे और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल भी उठे थे।
इस बार परिस्थितियां और भी चुनौतीपूर्ण हैं। तीन जून को कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होने जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम लोक भवन में शाम 4:10 बजे शुरू होगा, जो चिन्नास्वामी स्टेडियम के नजदीक स्थित है। समारोह में राज्यभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, साथ ही कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी भी अपेक्षित है। ऐसे में पुलिस बल का बड़ा हिस्सा शपथ ग्रहण समारोह की सुरक्षा में तैनात रहेगा।
इन हालातों को देखते हुए आरसीबी प्रबंधन ने सार्वजनिक समारोहों और बड़ी भीड़ से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी का मानना है कि प्रशंसकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस बीच बंगलूरू पुलिस ने भी पहले ही एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की थी कि यदि आरसीबी फाइनल जीतती है तो पटाखे फोड़ने, सड़कों पर जश्न मनाने या किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने से बचें। पुलिस ने नागरिकों से शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
आरसीबी से जुड़े सूत्रों के अनुसार शहर में किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की संभावना बेहद कम है। फ्रेंचाइजी और प्रशासन दोनों सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने के पक्ष में हैं और प्रशंसकों से भी जिम्मेदारी के साथ जीत का जश्न मनाने की अपील की गई है। टीम की ऐतिहासिक जीत का उत्साह बरकरार है, लेकिन इस बार जश्न से ज्यादा प्राथमिकता सुरक्षा और व्यवस्था को दी जा रही है।