शिमला, 6 जुलाई
भगवान शिव की आराधना और भक्ति को समर्पित पवित्र श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक रहेगा। सावन के आगमन के साथ ही हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के शिव मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी। इस पूरे महीने श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और दुग्धाभिषेक करने के साथ बेलपत्र अर्पित करेंगे तथा सोमवार व्रत रखकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी होगा।
राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि कर्क संक्रांति के अनुसार व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। ये सोमवार 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त और 10 अगस्त को आएंगे। वहीं, जो श्रद्धालु श्रावण कृष्ण पक्ष से सोमवार व्रत प्रारंभ करते हैं, उनके लिए सोमवार 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपनी परंपरा और मान्यता के अनुसार इन तिथियों पर व्रत और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और विधि-विधान से शिव उपासना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विशेष रूप से सावन के सोमवार का व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव की पूजा करते हैं। साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी विशेष पुण्यदायी माना गया है।
सावन के दौरान प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शिमला सहित विभिन्न जिलों के मंदिरों में सुबह से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचना शुरू कर देंगे। मंदिर समितियां भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने में जुटी हैं। कई स्थानों पर धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और सामूहिक रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर सकें।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार सावन केवल पूजा-अर्चना का महीना नहीं, बल्कि संयम, सेवा, सात्विक जीवनशैली और आध्यात्मिक साधना का भी संदेश देता है। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में यह पावन महीना श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।