चंडीगढ़, 25 जून
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वायरल वीडियो विवाद को लेकर एक बार फिर अपनी सफाई पेश करते हुए इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया है। मोहाली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा विवादित वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि किसी ने उनका मास्क लगाकर यह वीडियो तैयार किया है ताकि उन्हें धार्मिक और राजनीतिक रूप से बदनाम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी विपक्षी पार्टियां उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि उनके पास सरकार के कामकाज के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो के संबंध में उनके पास ऐसे प्रमाण हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति उनसे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति की कद-काठी, शारीरिक बनावट, चलने का तरीका और हाव-भाव उनसे मेल नहीं खाते, फिर भी जानबूझकर उन्हें विवाद में घसीटा जा रहा है।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने और उनकी छवि खराब करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार से जुड़े पोस्टर लगाए गए, लेकिन जिन लोगों ने अतीत में गंभीर विवादों और बेअदबी मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार की थी, उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने विशेष रूप से अकाली दल और उसके नेता सुखबीर बादल का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि उनके खिलाफ ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विरुद्ध धार्मिक आधार पर माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है और विभिन्न प्रकार के फतवे जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता और नानक नाम लेवा संगत पर उन्हें पूरा भरोसा है तथा सच्चाई और झूठ का फैसला आखिरकार लोग स्वयं करेंगे।
मान ने यह भी दावा किया कि सरकार ने संबंधित वीडियो की जांच फॉरेंसिक प्रयोगशाला से करवाई थी, लेकिन अब जांच से जुड़े लोगों को दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार प्रयोगशाला संचालकों और कर्मचारियों को एफआईआर तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस मिलकर उन्हें और जांच से जुड़े लोगों को निशाना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फर्जी प्रचार का सहारा लेने लगे हैं क्योंकि उनका जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में वापसी की संभावनाएं धूमिल होने के कारण विपक्षी दल हताशा में ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन विवादों के बावजूद उनकी सरकार का पूरा ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल, आम आदमी क्लीनिक और रोजगार जैसी सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय उनकी सरकार जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और अंतिम निर्णय पंजाब की जनता तथा संगत ही करेगी।