नई दिल्ली, 6 जुलाई
अंतरिक्ष और खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए अगस्त का महीना दो महत्वपूर्ण ग्रहण लेकर आ रहा है। इस दौरान एक सूर्य ग्रहण और एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत के लोगों के लिए निराशा की बात यह है कि दोनों ही ग्रहण देश से दिखाई नहीं देंगे।
खगोलीय कैलेंडर के अनुसार 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि 27-28 अगस्त की रात आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। दुनिया के कई हिस्सों में इन दोनों घटनाओं का अवलोकन किया जा सकेगा, लेकिन भारत से इन्हें देख पाना संभव नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए आंशिक या पूर्ण रूप से ढक जाता है। वहीं, चंद्र ग्रहण उस समय होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं तथा पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे उसका रंग गहरा दिखाई देने लगता है।
भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा। यह वही ग्रहण है, जिसे नासा ने इस सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक बताया है। इसकी अवधि लगभग 6 मिनट 23 सेकंड होगी। हालांकि, भारत में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में नहीं, बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में ही दिखाई देगा। इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का सबसे शानदार दृश्य मिस्र के लक्सर सहित कुछ अन्य क्षेत्रों से देखा जा सकेगा।
वहीं, भारत में अगला चंद्र ग्रहण 20 फरवरी 2027 को दिखाई देगा। यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा पृथ्वी की उपच्छाया से होकर गुजरेगा। इस प्रकार का ग्रहण काफी हल्का होता है और कई बार सामान्य आंखों से इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता।
यदि स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले चंद्र ग्रहण की बात करें, तो इसके लिए भारत के लोगों को 6 जुलाई 2028 तक इंतजार करना होगा। उस दिन आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, जिसका अवलोकन देश के विभिन्न हिस्सों से किया जा सकेगा। ऐसे में खगोलीय घटनाओं के शौकीनों के लिए आने वाले वर्षों में कई रोचक अवसर इंतजार कर रहे हैं।