अमृतसर, 1 जून
पंजाब में मजीठा थाने पर कथित हमले और पुलिस हिरासत से एक आरोपी को छुड़ाने की कोशिश के मामले में सोमवार को अकाली दल नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के अमृतसर स्थित ग्रीन एवेन्यू आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। अमृतसर ग्रामीण पुलिस की टीमों ने यह कार्रवाई एसपी के नेतृत्व में की, हालांकि इस दौरान बिक्रम मजीठिया अपने घर पर मौजूद नहीं थे।
पुलिस के अनुसार, रविवार को मजीठा पुलिस स्टेशन में हुई घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। एसपी आदित्य वॉरियर ने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुहैल कासिम मीर साझा करेंगे।
घटना से जुड़ा माहौल पहले ही गरम था। रविवार को Kirti Kisan Union के कार्यकर्ताओं ने जौबनप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में मजीठा थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। जौबनप्रीत के पिता संगठन के सक्रिय सदस्य बताए जाते हैं। प्रदर्शन के दौरान बिक्रम मजीठिया भी अपने समर्थकों के साथ शामिल हो गए और आरोप लगाया गया कि जौबनप्रीत को राजनीतिक द्वेष के तहत झूठे मामलों में फंसाया गया है, क्योंकि वह हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के पोलिंग एजेंट थे।
एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लिए गए जौबनप्रीत सिंह को छुड़ाने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और सरकारी केस फाइलें फाड़ दीं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा। पुलिस का कहना है कि इस घटना ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया और उनके वैधानिक कार्य में बाधा उत्पन्न की।
घटना के बाद पुलिस ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर 50 से अधिक लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज किया। पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।