चंडीगढ़, 15 जुलाई
पंजाब कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह ने पार्टी हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच तेज होती गुटबाजी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को रायपुर से तत्काल दिल्ली तलब किया गया है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 16 जुलाई को पंजाब के नाराज नेताओं के साथ अहम बैठक कर सकते हैं, जिसमें संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच करीब दो घंटे तक चली बैठक में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान नेतृत्व विवाद, संगठन में बढ़ती खींचतान और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल द्वारा हाल ही में सौंपी गई रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जानकारी के अनुसार बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके समर्थकों की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर उठाए गए सवालों को भी गंभीरता से लिया गया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की अंदरूनी खींचतान संगठन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसी वजह से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी भी जताई।
पार्टी के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेतृत्व में बदलाव की संभावनाओं पर विचार किया गया है। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। हाईकमान का फोकस फिलहाल पार्टी को एकजुट करने, संगठन को मजबूत बनाने और आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रभावी चुनावी रणनीति तैयार करने पर है।
दरअसल, पंजाब कांग्रेस में बढ़ते असंतोष को दूर करने की जिम्मेदारी भूपेश बघेल को सौंपी गई थी। इसके तहत वह 6 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचे थे और 11 जुलाई तक उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं और असंतुष्ट नेताओं से सामूहिक तथा व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत की। इसके बाद 13 जुलाई को उन्होंने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी।
अब बताया जा रहा है कि अंतिम फैसला लेने से पहले राहुल गांधी स्वयं भूपेश बघेल से आमने-सामने बातचीत करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें तत्काल दिल्ली बुलाया गया है ताकि रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं और मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
हाईकमान की सक्रियता के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। दूसरी ओर, विरोधी खेमा फिलहाल संयम बनाए हुए है। इस गुट के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वे कांग्रेस हाईकमान के बुलावे और अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।