नई दिल्ली, 15 जुलाई
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि संशोधित अंतिम मतदाता सूची 19 अक्तूबर को प्रकाशित की जाएगी। अभियान के पहले 15 दिनों में घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित करने का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है, लेकिन इन फॉर्मों को ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
चुनाव आयोग की 14 जुलाई रात आठ बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी के कुल 1,45,10,298 मतदाताओं में से 1,43,02,626 यानी 98.57 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। हालांकि, अब तक केवल 17,66,553 फॉर्म ही ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज किए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 12.17 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि करीब 1.25 करोड़ फॉर्म का डिजिटाइजेशन अभी बाकी है।
चुनाव आयोग ने इस विशेष अभियान के लिए 30 जून से 29 जुलाई तक का समय निर्धारित किया है। इस अवधि में मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन और अद्यतन किया जा रहा है, ताकि अंतिम सूची अधिक सटीक और अद्यतन रूप में तैयार की जा सके।
जिलावार प्रगति पर नजर डालें तो डिजिटाइजेशन के मामले में आउटर नॉर्थ जिला सबसे आगे है, जहां 25.25 प्रतिशत फॉर्म ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिले में 17.63 प्रतिशत, सेंट्रल नॉर्थ में 15.41 प्रतिशत, नॉर्थ में 14.70 प्रतिशत और पश्चिम जिले में 14.61 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किए गए हैं। वहीं, ओल्ड दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जैसे जिलों में डिजिटाइजेशन की गति सबसे धीमी बनी हुई है, जहां यह आंकड़ा क्रमशः 7.22 प्रतिशत, 7.25 प्रतिशत और 7.90 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
फॉर्म वितरण के मामले में अधिकांश जिलों ने 98 से 100 प्रतिशत तक का लक्ष्य हासिल कर लिया है। नई दिल्ली जिले में सभी पात्र मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने का दावा किया गया है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व, मध्य, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और अन्य अधिकांश जिले भी लगभग 99 प्रतिशत वितरण का स्तर हासिल कर चुके हैं। केवल उत्तर-पश्चिम जिला 94.36 प्रतिशत के साथ अन्य जिलों की तुलना में पीछे चल रहा है।
चुनाव आयोग का कहना है कि अभियान निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद संशोधित अंतिम मतदाता सूची 19 अक्तूबर को जारी की जाएगी।