अर्लिंगटन, 7 जुलाई
फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन ने रोमांचक मुकाबले में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को यादगार जीत दिलाई। इस हार के साथ ही पुर्तगाल के दिग्गज कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप खिताब जीतने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
पूरे मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और ऐसा लग रहा था कि फैसला अतिरिक्त समय में होगा। लेकिन इंजरी टाइम के पहले ही मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने फेरान टोरेस के सटीक पास को गोल में बदलकर मैच का रुख पलट दिया। इस जीत के साथ 2010 की विश्व विजेता स्पेन ने लंबे अंतराल के बाद विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाई और अब उसका सामना क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम से होगा।
41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने करियर का छठा और अंतिम विश्व कप खेल रहे थे। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सबसे सफल गोल स्कोररों में शामिल रोनाल्डो इस बार भी अपनी टीम को विश्व कप ट्रॉफी तक नहीं पहुंचा सके। स्पेन के खिलाफ उन्हें पूरे मैच में बहुत कम स्पष्ट अवसर मिले और वह गोल करने में नाकाम रहे।
मेरिनो को मुकाबले के 85वें मिनट में मैदान पर उतारा गया था और उन्होंने कुछ ही मिनटों में अपनी मौजूदगी का असर दिखा दिया। आर्सेनल के इस मिडफील्डर ने दबाव भरे क्षण में शानदार संयम का परिचय देते हुए स्पेन के लिए जीत सुनिश्चित की और मैच के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे।
पुर्तगाल को पहला बड़ा मौका 37वें मिनट में मिला, जब जोआओ फेलिक्स के हेडर के बाद गेंद रोनाल्डो के पास पहुंची। उन्होंने कलाबाजी करते हुए शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मुकाबले के अंतिम क्षणों में पुर्तगाल ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, मगर स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और सिमोन की बेहतरीन गोलकीपिंग के सामने उसके सभी प्रयास विफल रहे। इस जीत के साथ स्पेन ने लगातार एक और क्लीन शीट दर्ज करते हुए खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी।