नई दिल्ली, 13 जुलाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों के मामले में केंद्र सरकार ने मेटा के जवाब की समीक्षा शुरू कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को बताया कि सरकार को मेटा का जवाब प्राप्त हो गया है और उसकी जांच के बाद आवश्यक एवं उचित कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस जारी कर इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों के माध्यम से बाल यौन शोषण सामग्री को बढ़ावा देने वाले सभी विज्ञापनों और संबंधित सामग्री को तत्काल हटाने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही कंपनी से निर्धारित समयसीमा के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया था कि ऐसे विज्ञापनों को रोकने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं।
नोटिस के बाद मेटा ने अपने जवाब में बताया कि कंपनी बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान और उस पर कार्रवाई के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग कर रही है। कंपनी ने दावा किया कि उसने बड़ी संख्या में आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की है और युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा रहा है। मेटा ने यह भी कहा कि वह सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों और संसाधनों में लगातार निवेश करती रहेगी।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि मंत्रालय को मेटा का जवाब शनिवार को प्राप्त हुआ, जो जवाब देने की निर्धारित अंतिम तिथि थी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा जवाब का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है और उसकी समीक्षा पूरी होने के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।