जालंधर, 18 जुलाई
पंजाब पुलिस ने टांडा थाने के पूर्व थाना प्रभारी (एसएचओ) गुरिंदरजीत सिंह नागरा को करीब चार करोड़ रुपये (चार लाख अमेरिकी डॉलर) की कथित रंगदारी और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में उनका नाम सामने आने के बाद की गई है। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से भारी रकम की रंगदारी मांगने का आरोप है। मामले की जांच पूरी होने के बाद डीआईजी जालंधर रेंज नवीन सिंगला के निर्देश पर नागरा के खिलाफ रंगदारी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इस पूरे प्रकरण की जांच जालंधर के एसपी (इन्वेस्टिगेशन) वनीत अहलावत को सौंपी गई थी।
यह मामला 15 जनवरी 2026 को टांडा के गांव मियाणी में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की हत्या से भी जुड़ा हुआ है। शुरुआती जांच में पुलिस ने अमेरिका में रह रहे सेवानिवृत्त एएसआई चरनजीत सिंह को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। हालांकि बाद में अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया कि इसी मामले में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर उनके परिवार से चार लाख डॉलर की रंगदारी मांगी गई।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस कथित वसूली नेटवर्क में कुछ भारतीय पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी और तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही हैं।