नई दिल्ली, 14 जुलाई
ओमान के तट के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को लेकर ईरानी अधिकारियों को तलब करते हुए हमले पर कड़ी आपत्ति जताई है और पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
जानकारी के अनुसार ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाले दो तेल टैंकरों पर हाल ही में हमला हुआ था। इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए भारत स्थित ईरानी दूतावास के अधिकारियों के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त की और हमले से जुड़े तथ्यों पर जवाब मांगा। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है।
हालांकि, इस मामले में बैठक के बाद ईरानी दूतावास की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
उधर, संयुक्त अरब अमीरात ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। यूएई ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया। यूएई का कहना है कि ऐसी उकसावे वाली कार्रवाइयों का जवाब देने का उसे पूरा अधिकार है।