अयोध्या, 8 जुलाई
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जारी घटनाक्रम के बीच एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक गोपाल राव ने मंदिर परिसर छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि वह 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक के दौरान ही कारसेवक पुरम में शिफ्ट हो गए थे।
सूत्रों के मुताबिक गोपाल राव को ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य के पद से पहले ही हटा दिया गया था। इसके साथ ही उनका कार पास भी सरेंडर करा लिया गया, जिसके बाद मंदिर परिसर में उनकी प्रशासनिक गतिविधियां भी समाप्त हो गईं। माना जा रहा है कि ट्रस्ट में हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के क्रम में यह निर्णय लिया गया है।
चढ़ावा प्रकरण और उसके बाद ट्रस्ट में हुए बदलावों के बीच गोपाल राव का मंदिर परिसर छोड़ना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में उनके स्थानांतरण और अधिकारों में हुए बदलाव के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी होना बाकी है।
इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से मुलाकात के लिए रामनगरी के संतों का एक प्रतिनिधिमंडल वैदेही भवन पहुंचा, जहां बंद कमरे में वार्ता जारी रही। इसी दौरान गोपाल राव भी वैदेही भवन पहुंचे और उन्होंने गोविंद देवगिरी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि ट्रस्ट के भीतर चल रहे घटनाक्रम के बीच कोषाध्यक्ष संतों से संवाद स्थापित कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उधर अयोध्या राजपरिवार से जुड़े राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के पुत्र यतींद्र मोहन मिश्रा भी वैदेही भवन पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट में रिक्त एक पद पर उन्हें नए सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में भी अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।