चंडीगढ़, 2 जुलाई
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इसके साथ ही चुनावी रणनीति को और मजबूत बनाने के लिए हाईकमान ने पंजाब प्रभारी एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुझाव पर तीन कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला लिया है। इसके अलावा चुनाव से जुड़ी विभिन्न समितियों का गठन करते हुए वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
पार्टी नेतृत्व ने कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति में सामाजिक और जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा है। सूत्रों के अनुसार, सभी वरिष्ठ नेताओं को आपसी तालमेल बनाए रखते हुए आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, पंजाब कांग्रेस को लेकर हाल ही में दो अलग-अलग चुनावी सर्वे कराए गए थे। एक सर्वे कांग्रेस हाईकमान की ओर से कराया गया था, जबकि दूसरा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने करवाया था। हाईकमान के सर्वे में प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की गई थी, जबकि प्रदेश कांग्रेस के सर्वे में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने की राय सामने आई थी।
इन दोनों सर्वेक्षणों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ विस्तार से चर्चा की। बघेल ने नेतृत्व परिवर्तन के बजाय मौजूदा अध्यक्ष के साथ कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्षों की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। उनका तर्क था कि चुनाव में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए नेतृत्व बदलने की बजाय संगठन को मजबूत करना अधिक व्यावहारिक होगा। इसी सुझाव पर विचार करते हुए हाईकमान ने एक के बजाय तीन कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह फैसला सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। पंजाब में लगभग 37 प्रतिशत अनुसूचित जाति (सिख और हिंदू) तथा 20 प्रतिशत से अधिक पिछड़ा वर्ग की आबादी है। इसी सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए दो अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग जाट सिख समुदाय से आते हैं।
कांग्रेस हाईकमान ने चुनावी तैयारियों के लिए विभिन्न समितियों का भी गठन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर समिति तथा डॉ. अमर सिंह को घोषणा-पत्र (मेनिफेस्टो) समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा विधायक सुखपाल सिंह खैरा, विधायक राणा गुरजीत सिंह और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को प्रचार समिति का सह-अध्यक्ष बनाया गया है। ओपी सोनी, रजिया सुल्ताना, कुलजीत सिंह नागरा, अंगद सिंह सैनी और भरत भूषण आशु को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का सह-अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं गुरजीत सिंह ओजला, विधायक परगट सिंह, हरदयाल सिंह कंबोज और सुखबिंदर सिंह सरकारिया को मेनिफेस्टो समिति का सह-अध्यक्ष बनाया गया है।