Breaking News :

पंजाब कांग्रेस में बढ़ी सियासी हलचल, बगावत के बीच दल-बदल की अटकलें तेज

Images
Published On: July 4, 2026

चंडीगढ़, 4 जुलाई

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर उठे असंतोष ने एक बार फिर पार्टी की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा पार्टी हाईकमान के फैसले पर खुलकर नाराजगी जताने के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के बीच इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के सामने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है।

राजनीतिक हलकों में उस समय हलचल और बढ़ गई जब कांग्रेस में बगावत के सुर उभरने वाले दिन ही सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसी दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने यह बयान देकर अटकलों को और हवा दे दी कि भाजपा एक बड़ा परिवार है और पार्टी में आने वाले हर नेता का स्वागत है।

गौरतलब है कि सितंबर 2021 में कांग्रेस के भीतर लंबे समय तक चले राजनीतिक विवाद के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी हाईकमान ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफा लेकर दलित चेहरे के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था। अब वही चन्नी पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।

शुक्रवार को हुए घटनाक्रम के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस के कई असंतुष्ट नेता उनके संपर्क में हैं। राज्य में सीमित राजनीतिक आधार रखने वाली भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नए नेताओं को साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। फिलहाल पंजाब विधानसभा में भाजपा के केवल दो विधायक हैं, ऐसे में पार्टी कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को अपने लिए अवसर के रूप में देख रही है।

करीब सात महीने बाद प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों स्वयं जून 2022 तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दो बार विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस के कई नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध आज भी अच्छे बताए जाते हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में संभावित दल-बदल को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

ढिल्लों ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि भाजपा सभी नेताओं का स्वागत करने के लिए तैयार है। उनके अलावा राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के भी कई कांग्रेस नेताओं के संपर्क में होने की चर्चा है। वहीं, सुखजिंदर सिंह रंधावा की अमित शाह से मुलाकात ने भी राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया, हालांकि रंधावा ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

कांग्रेस हाईकमान द्वारा पंजाब में मौजूदा नेतृत्व को बरकरार रखने के फैसले के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने कुछ विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों सहित 60 से अधिक नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक ताकत का संकेत दिया। इसे पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने हाल ही में पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर नेतृत्व परिवर्तन न करने के फैसले पर उन्हें भरोसे में लेने का प्रयास किया था। इसके बावजूद असंतोष खुलकर सामने आ गया। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम पर है। यदि पार्टी अपने फैसले पर कायम रहती है तो चन्नी समर्थक खेमे की ओर से कोई बड़ा राजनीतिक निर्णय लिया जा सकता है, जिसका लाभ उठाने के लिए भाजपा पूरी तरह तैयार दिखाई दे रही है।

Logo