चंडीगढ़, 8 जुलाई
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे बघेल ने कहा कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल नहीं है और पार्टी हाईकमान अपने फैसले पर कायम है।
बुधवार को मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बदलना कोई “गुड्डे-गुड़िया का खेल” नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के नेतृत्व के पक्ष में हैं और वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव भी कांग्रेस उनके नेतृत्व में ही लड़ेगी। बघेल ने बताया कि उनकी सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से बातचीत हो चुकी है तथा जल्द ही उनसे मुलाकात भी होगी।
दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की मांग पर अब भी कायम बताए जा रहे हैं। इसी विवाद को सुलझाने के लिए भूपेश बघेल ने नेताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू किया है, लेकिन चन्नी पहले कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात करना चाहते हैं।
मंगलवार को चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रदेश प्रभारी की बैठक से दूरी बनाए रखी। उनके समर्थक विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक भी बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसे में भूपेश बघेल के स्पष्ट और सख्त रुख के बाद अब सबकी नजर चन्नी के अगले कदम पर टिकी हुई है।
सूत्रों के अनुसार मंगलवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टीम ने चरणजीत सिंह चन्नी से संपर्क किया है और उनकी राहुल गांधी से जल्द मुलाकात हो सकती है। वहीं, प्रियंका गांधी की ओर से भेजी गई टीम भी चन्नी से मुलाकात कर चुकी है। इन बैठकों के बाद फिलहाल चन्नी और उनके समर्थकों ने सार्वजनिक रूप से कोई नई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान को लेकर हाईकमान भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की टूट या बड़े राजनीतिक संकट से बचना चाहता है। चन्नी के एक समर्थक विधायक के अनुसार, मोरिंडा में हुई बैठक में सभी नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री को इस पूरे मामले पर कांग्रेस हाईकमान से बातचीत करने के लिए अधिकृत किया था। समर्थकों का कहना है कि वे चाहते हैं कि चरणजीत सिंह चन्नी पहले राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के समक्ष पंजाब के नाराज नेताओं का पक्ष रखें। उनका दावा है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व से सहमत नहीं हैं।