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ईरान में अमेरिकी हमलों से मची भारी तबाही, पुल-एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन बने निशाना

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Published On: July 17, 2026

तेहरान, 17 जुलाई

पश्चिम एशिया में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के महज दो दिन बाद अमेरिका ने ईरान पर अपने हमलों का दायरा और बढ़ा दिया है। लगातार छठी रात की गई सैन्य कार्रवाई में इस बार केवल सैन्य ठिकानों को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार दक्षिणी प्रांतों में हुए इन हमलों में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। ये इलाके दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक स्थित हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। हालांकि ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने जानबूझकर नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाया, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित ईरानशहर एयरपोर्ट पर जोरदार धमाके हुए। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एयरपोर्ट परिसर पर मिसाइलें दागीं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। वहीं बंदर अब्बास शहर के प्रमुख रेलवे जंक्शन पर भी हमला किया गया, जिसमें स्टेशन पर कार्यरत दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

होर्मोजगान प्रांत में बंदर खमीर के पास स्थित दो महत्वपूर्ण पुल भी हमलों में पूरी तरह ध्वस्त हो गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। पुलों के नष्ट होने से बंदर अब्बास, खमीर और लार के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे यातायात और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है।

हमलों के दौरान बंदर अब्बास में एक मोबाइल और संचार टावर को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और संचार सेवाएं ठप पड़ गईं। इस हमले में सात लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा केशम द्वीप, बुशहर और अहवाज शहरों में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की खबरें सामने आई हैं।

इस सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी को अहम माना जा रहा है। उन्होंने दो दिन पहले फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा था कि अगला सप्ताह ईरान के लिए बेहद कठिन साबित होगा और अमेरिका उसके बिजलीघरों तथा पुलों को निशाना बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि ईरान वार्ता के लिए तैयार नहीं हुआ तो उसके पावर प्लांट और पुलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद अमेरिकी हमलों की तीव्रता बढ़ गई।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया है। शुक्रवार को कुवैत के आसमान में 32 संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। वहीं इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है और संभावित ड्रोन हमलों की आशंका जताई है।

उधर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इन दोनों देशों में अमेरिकी सेना के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पहले हुआ शांति समझौता भी पूरी तरह टूट चुका है। अब अमेरिका ने अपने हमलों का दायरा दक्षिणी ईरान से आगे बढ़ाते हुए पहली बार राजधानी तेहरान और मिसाइल हब माने जाने वाले सेमनान प्रांत तक पहुंचा दिया है। लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है तथा खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और भय का माहौल बना हुआ है।

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