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ईरान में अंतिम विदाई की तैयारियां तेज… लंबे अंतराल के बाद सार्वजनिक मंच पर दिखे जनरल अहमद वाहिदी

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Published On: July 3, 2026

तेहरान, जुलाई 3

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच, ईरान के अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी लंबे अंतराल के बाद सार्वजनिक रूप से नजर आए। उनकी मौजूदगी को देश की मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा परिस्थितियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में जनरल अहमद वाहिदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों से जुड़ी एक बैठक में भाग लेते देखा गया। बाद में वह खामेनेई के ताबूत के पास बैठे भी दिखाई दिए। गुरुवार रात तेहरान में सर्वोच्च नेता के पूर्व आवास के निकट सीमित दायरे में एक शोकसभा आयोजित की गई, जिसमें चुनिंदा लोग शामिल हुए।

सरकारी मीडिया के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम शनिवार से शुरू होंगे। उनके पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों के साथ-साथ पड़ोसी इराक के कुछ स्थानों पर भी अंतिम श्रद्धांजलि के लिए ले जाया जाएगा। अंतिम यात्रा की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला से होगी। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कई प्रमुख सड़कों को बंद करने और सामान्य गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की तैयारी की है, ताकि नागरिक अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।

सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में तेहरान स्थित खामेनेई के परिसर में आयोजित शोकसभा का दृश्य भी सामने आया। खामेनेई का पार्थिव शरीर एक मंच पर रखे ताबूत में रखा गया था, जिसके सामने लाल ट्यूलिप के फूल सजाए गए थे। ताबूत पर लाल रंग का झंडा लिपटा था, जिस पर सफेद अक्षरों में ‘या हुसैन’ लिखा हुआ था। शिया परंपरा में यह वाक्यांश इमाम हुसैन की शहादत और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। शोकसभा में शामिल लोग अपने स्कार्फ और अन्य वस्तुएं सहायकों को दे रहे थे, ताकि उन्हें ताबूत से स्पर्श कराया जा सके। ईरान में इसे श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने की पारंपरिक रस्म माना जाता है। सरकारी मीडिया के अनुसार, कार्यक्रम में वर्ष 2025 के 12 दिवसीय युद्ध और हालिया संघर्षों में अपने परिजनों को खोने वाले परिवार भी शामिल हुए।

जनरल अहमद वाहिदी भी ईरान-इजराइल युद्ध शुरू होने से पहले 8 फरवरी के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए हैं। उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ संभावित वार्ता और युद्धोत्तर रणनीति तय करने में अहमद वाहिदी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्हें उन चुनिंदा नेताओं में गिना जाता है, जिनकी पहुंच ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई तक सीधे मानी जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई 28 फरवरी को इजराइली हमलों में कथित रूप से घायल होने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। इन्हीं हमलों में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने का दावा किया गया है।

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