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लुधियाना स्टेशन पर गूंजी धमाके जैसी आवाज, मची अफरा-तफरी… लेकिन जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

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Published On: June 6, 2026

लुधियाना, 6 जून

शनिवार सुबह लुधियाना रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही दिल्ली-कटरा स्पेशल ट्रेन से अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ क्षणों के लिए यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को लगा कि ट्रेन में कोई बड़ा हादसा हो गया है। तेज आवाज के बाद यात्री घबराकर अपनी सीटों से उठ गए और कई लोग कोचों से बाहर निकल आए। स्टेशन पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया, लेकिन शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए उन्होंने राहत की सांस दी।

जानकारी के अनुसार स्पेशल ट्रेन संख्या 04081 शनिवार सुबह निर्धारित समय पर लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची थी। गर्मियों की छुट्टियों के कारण ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ थी। सुबह करीब नौ बजे जब ट्रेन स्टेशन से आगे बढ़ने लगी, तभी अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि लोगों को किसी विस्फोट की आशंका होने लगी। देखते ही देखते यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग सुरक्षा के लिए ट्रेन से बाहर निकल आए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे कोच की गहन जांच की गई और एहतियात के तौर पर यात्रियों को बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई विस्फोट नहीं था। जांच के दौरान पता चला कि ट्रेन की बोगियों को जोड़ने वाले हिस्से में तकनीकी खराबी आने से अचानक झटका लगा, जिसके कारण एस-2 कोच के शौचालय वाले हिस्से में दरार आ गई और वहां संरचनात्मक नुकसान हुआ।

लुधियाना के एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि इंजन द्वारा खिंचाव बनने के दौरान बोगियों के बीच तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई, जिससे तेज आवाज पैदा हुई। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही बना रहा कि यदि कोई विस्फोट नहीं हुआ तो आवाज इतनी तेज कैसे आई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चलती ट्रेन में किसी हिस्से पर अचानक दबाव पड़ने या संरचनात्मक टूट-फूट होने पर धमाके जैसी तेज आवाज आ सकती है। फिरोजपुर मंडल के डीआरएम संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि ट्रेन के चलने के दौरान एस-2 कोच का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद कर्मचारियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर सभी सुरक्षा प्रक्रियाएं लागू कर दीं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार संबंधित कोच लगभग 15 वर्ष पुराना है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसे कोचों की उपयोग अवधि इससे अधिक होती है, फिर भी वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे ने दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम बुलाने का निर्णय लिया है। यह टीम तकनीकी जांच कर यह पता लगाएगी कि नुकसान केवल संरचनात्मक कारणों से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी यात्री को चोट नहीं पहुंची और सभी सुरक्षित हैं। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर रेलवे में तकनीकी निगरानी, कोचों के रखरखाव और समय पर निरीक्षण की आवश्यकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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